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उत्तराखंड के सड़कों पर बढ़ेगी सुरक्षा, दुर्घटना संभावित स्थलों पर लगेंगे कान्वेक्स मिरर

पहाड़ी इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. ब्लैक स्पॉट्स और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर सबसे पहले कान्वेक्स मिरर स्थापित किए जाएंगे.

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Edited By: Shanu Sharma
उत्तराखंड के सड़कों पर बढ़ेगी सुरक्षा, दुर्घटना संभावित स्थलों पर लगेंगे कान्वेक्स मिरर
Courtesy: AI

पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है. विभाग पुलिस के सहयोग से पहाड़ी मार्गों पर स्थित प्रमुख तीव्र मोड़ों और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर कान्वेक्स मिरर यानी उत्तल दर्पण लगाने की योजना पर काम कर रहा है.

इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को मोड़ के दूसरी ओर से आने वाले वाहनों की पहले से जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके.अधिकारियों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो सकता है. खासकर उन स्थानों पर जहां दृश्यता कम होने के कारण चालक समय रहते सामने की स्थिति का आकलन नहीं कर पाते.

तीखे मोड़ बनते हैं दुर्घटनाओं की बड़ी वजह

प्रदेश के पहाड़ी जिलों में कई ऐसे सड़क मार्ग हैं, जहां तीखे मोड़ों और संकरी सड़कों के कारण वाहन चालकों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इन स्थानों पर सामने से आने वाले वाहन अक्सर अंतिम क्षणों में दिखाई देते हैं, जिससे आमने-सामने की टक्कर का खतरा बढ़ जाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार पर्वतीय सड़कों पर सीमित दृश्यता सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है. ऐसे में कान्वेक्स मिरर लगाने से चालक मोड़ पर पहुंचने से पहले ही दूसरी दिशा की गतिविधियों को देख सकेंगे. इससे उन्हें वाहन की गति नियंत्रित करने और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष ध्यान

सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से उन स्थानों की पहचान की है जहां दुर्घटनाएं अधिक होती हैं. इन ब्लैक स्पॉट्स और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर सबसे पहले कान्वेक्स मिरर स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा इन स्थानों पर अन्य सुरक्षा उपायों को भी मजबूत करने की योजना है. सड़क संकेतक, चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टिव मार्किंग जैसी व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को समय रहते आवश्यक जानकारी मिल सके. परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन दर्पणों के कारण ओवरटेकिंग, तेज गति से मोड़ काटने और अचानक सामने आने वाले वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है.