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अब खुले में कूड़ा फेंका तो होगी बड़ी कार्रवाई, कट सकता है बिजली-पानी कनेक्शन

बरेली नगर निगम ने खुले में कूड़ा फेंकने और गीला-सूखा कचरा अलग नहीं रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है. चलिए जानते हैं नियम तोड़ने वालों पर क्या लिया जाएगा एक्शन.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
अब खुले में कूड़ा फेंका तो होगी बड़ी कार्रवाई, कट सकता है बिजली-पानी कनेक्शन
Courtesy: Pinterest

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कड़े कदम उठाने की तैयारी कर ली है. अब खुले में कूड़ा फेंकने, सार्वजनिक स्थानों पर मलबा डालने और गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग नहीं रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि बिजली और पानी का कनेक्शन भी काटा जा सकता है.

देशभर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार अभियान चला रही हैं. शहरों को स्वच्छता रैंकिंग से भी जोड़ा गया है ताकि स्थानीय निकाय साफ-सफाई के प्रति अधिक जिम्मेदार बनें. इसके बावजूद कई स्थानों पर लोग अभी भी कूड़ा प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. इसी को देखते हुए बरेली नगर निगम ने सख्ती का फैसला लिया है.

नगर आयुक्त ने क्या बताया?

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक घर, दुकान और संस्थान को गीला, सूखा, सैनिटरी और ई-वेस्ट जैसे विशेष कचरे को अलग-अलग रखना अनिवार्य होगा. निरीक्षण के दौरान यदि कचरा मिला-जुला पाया गया तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी.

क्या जारी किए गए निर्देश?

नगर निगम ने होटल, अस्पताल, मॉल और बड़ी आवासीय सोसायटियों के लिए भी विशेष निर्देश जारी किए हैं. इन संस्थानों को अपने परिसर में ही कचरे का निस्तारण करना होगा. प्रशासन का मानना है कि कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण होने से उसके वैज्ञानिक निस्तारण में आसानी होगी और डंपिंग ग्राउंड पर बोझ कम पड़ेगा.

स्थायी समाधान करने के लिए क्या निकला उपाय?

शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए सथरापुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शुरू करने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं. नगर निगम के अनुसार प्लांट में मशीनों का इंस्टॉलेशन शुरू हो चुका है और तकनीकी कार्य अंतिम चरण में हैं. प्लांट शुरू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 500 मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा.

अधिकारियों को क्या है उम्मीद?

अधिकारियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरे के दौरान इस परियोजना का उद्घाटन किया जा सकता है. पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि बेहतर संचालन व्यवस्था के लिए इंदौर और गुजरात के विभिन्न शहरों के कचरा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है.

नगर निगम का क्या है कहना?

नगर निगम का कहना है कि प्लांट शुरू होने से शहर में कूड़े के ढेर और डंपिंग की समस्या में काफी कमी आएगी. इससे प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे कचरा पृथक्करण और स्वच्छता नियमों का पालन करें ताकि शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके.