कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को केंद्र सरकार पर आंदोलन स्थगित करने के दौरान दिए गए आश्वासन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. पार्टी ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई नहीं रुकी और गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली, तो वह दोबारा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी. पार्टी का दावा है कि सरकार ने भरोसा दिलाया था कि आंदोलन स्थगित होने के बाद किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया गया है और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जारी कार्रवाई सरकार के वादे के विपरीत है. पार्टी ने इसे युवाओं के विश्वास के साथ धोखा बताया.
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference along with independent Rajya Sabha MP and senior advocate Kapil Sibal, CJP spokesperson Saurav Das says, "We were in constant touch with Kapil ji and had sought legal guidance. When we called off the protest on the 25th, we apprehended… pic.twitter.com/88xwbSm9LO
— Press Trust of India (@PTI_News) July 27, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेता आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरव दास के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल भी मौजूद रहे. सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका पार्टी से जुड़े कानूनी मामलों में सहायता करने की है. उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
CJP ने इस मौके पर एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने की भी घोषणा की. पार्टी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के जरिए छात्र अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. वे अपने मामलों से जुड़ी जानकारी, दस्तावेज और वीडियो भी अपलोड कर सकेंगे, ताकि कानूनी सहायता और तथ्यों का रिकॉर्ड तैयार किया जा सके.
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया था कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आंदोलन स्थगित होने के बावजूद कार्रवाई जारी रहना सरकार के आश्वासन पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
CJP ने कहा कि उसने केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद ही देशव्यापी आंदोलन स्थगित किया था. पार्टी का कहना है कि यदि गिरफ्तार छात्रों को राहत नहीं मिली और पुलिस कार्रवाई जारी रही, तो वह फिर से व्यापक आंदोलन शुरू करेगी. CJP ने चेतावनी दी कि सरकार यदि अपने वादे से पीछे हटती है, तो इससे लाखों युवाओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा.