उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बाढ़, जलभराव, मकान ढहने और नदियों के उफान से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई जगह सड़क और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
राहत आयुक्त के अनुसार, पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 लोगों की जनहानि हुई है. इस दौरान 107 पशुओं की मौत और 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. इसके अलावा 46 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.
बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में कच्चे मकान ढह गए. कानपुर देहात, बांदा, औरैया, महोबा और फर्रुखाबाद में मां-बेटी समेत नौ लोगों की मौत की सूचना है. भारी बारिश से हजारों परिवारों के सामने रहने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की समस्या खड़ी हो गई है.
बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात गंभीर हो गए हैं. तेज बहाव के कारण एक मस्जिद नदी में समा गई. कई मकानों और अन्य निर्माणों को भी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं.
लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई है, जिससे उसके सड़ने का खतरा है. गन्ना, मक्का और सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. फसल प्रभावित होने से आने वाले दिनों में सब्जियों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है. जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे नुकसान की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं.
पिछले चार दिनों में प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है. फर्रुखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत और महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है.
नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर में गंडक यानी नारायणी नदी में बाढ़ की स्थिति बन गई है. प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ा है. केन नदी में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बेतवा और टोंस नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है. इसका असर यमुना के जलस्तर पर भी पड़ रहा है.
वाराणसी में NH-19 पर जलभराव
वाराणसी में भारी बारिश के बाद नेशनल हाईवे-19 पर अखरी से भिखारीपुर के बीच सड़क जलमग्न हो गई है. जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर जगह-जगह पानी भर गया है. बड़े-बड़े गड्ढों के कारण राहगीरों को परेशानी हो रही है. जलभराव और गड्ढों के चलते ऑटो और बाइक सवारों के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं.