उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में साल 2021 में हुई एक हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की अदालत ने मृतक की पत्नी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु को पति की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं मामले में नामजद दूसरे आरोपी बबलू यादव को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने दोषमुक्त कर दिया.
अभियोजन के अनुसार थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव भद्रावल निवासी आराम सिंह ने 9 जनवरी 2021 को शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि 8 जनवरी की रात उनके भाई दीनदयाल अपने घर में सो रहे थे. देर रात गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और घर के भीतर उनका शव खून से लथपथ मिला.
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी पूजा उर्फ कमलेश उर्फ मधु और बबलू यादव को आरोपी बनाया गया. विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया. इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई और गवाहों के बयान दर्ज किए गए.
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के साथ उपलब्ध साक्ष्यों का विस्तार से परीक्षण किया. न्यायालय ने पाया कि पत्नी के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं. इसके आधार पर उसे हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई.
मामले में नामजद सहआरोपी बबलू यादव के खिलाफ अदालत को पर्याप्त और ठोस साक्ष्य नहीं मिले. इसी कारण न्यायालय ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. इस फैसले के साथ करीब पांच वर्ष पुराने हत्या मामले का न्यायिक निष्कर्ष सामने आया और अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अपना निर्णय सुनाया.