अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को भव्यता के साथ पर्यावरण के अनुकूल बनाने की तैयारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार भी दीपोत्सव में ग्रीन आतिशबाजी का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत सरयू नदी के ऊपर आसमान में ‘ग्रीन सूर्य’ का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा. इसका उद्देश्य धुएं और प्रदूषण को कम करते हुए उत्सव की भव्यता बनाए रखना है.
ई फैक्टर एक्सपीरिएंसेज लिमिटेड के प्रतिनिधियों के मुताबिक, ग्रीन सूर्य का प्रदर्शन खास तकनीक से तैयार आतिशबाजी के जरिए किया जाएगा. इसमें जहरीले धुएं और तेज आवाज को कम रखने का दावा किया गया है. सुनहरी और हरी रोशनी के मेल से सरयू के ऊपर आकर्षक दृश्य तैयार होगा.
दीपोत्सव की आतिशबाजी पर्यावरण विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के सहयोग से तैयार की जा रही है. इसमें पारंपरिक पटाखों में इस्तेमाल होने वाले बैरियम नाइट्रेट, एल्युमिनियम और स्ट्रोंशियम जैसे तत्वों की जगह कम कार्बन और कम धुआं पैदा करने वाले यौगिकों का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे वायु प्रदूषण घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
आतिशबाजी के लिए सरयू पुल के ऊपर तीन हाइड्रा मशीनें लगाई जाएंगी. इनके जरिए 80 फीट की ऊंचाई पर प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जहां से आतिशबाजी होगी. इसमें चकरी, रिवर्स फायरिंग, एरियल, रॉकेट, विसिल क्रैकर, तिरंगा और इंद्रधनुष जैसे कई रंगीन प्रदर्शन शामिल होंगे. आयोजन में भव्यता के साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा.