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India Daily

ट्रंप के नए हमले की धमकी से डरा ईरान, बोला- 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार लेकिन....

ईरान ने अमेरिका के सामने चार शर्तें रखते हुए 48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की है. हालांकि, ट्रंप की हमले की धमकी से तनाव बरकरार है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ट्रंप के नए हमले की धमकी से डरा ईरान, बोला- 48 घंटे में होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार लेकिन....
Courtesy: @Currentreport1

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का प्रस्ताव दिया है. ईरान का कहना है कि यदि अमेरिका उसकी शर्तें मान लेता है, तो वह 48 घंटे के भीतर इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर आवाजाही बहाल कर सकता है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि पहले सात दिनों में रास्ता खोलने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन अब समय घटाकर दो दिन कर दिया गया है. उनके मुताबिक, यह ईरान की बातचीत के जरिए समझौते तक पहुंचने की इच्छा दिखाता है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि आगे की प्रक्रिया अमेरिका की सहमति पर निर्भर करेगी.

बघाई ने बताया कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है. कतर भी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

 ईरान की अमेरिका के सामने चार प्रमुख शर्तें

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं.

- मध्य पूर्व के सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त किया जाए.
- विदेशों में फ्रीज की गई ईरान की संपत्तियां जारी की जाएं.
- ईरान के तेल क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएं.
- ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म की जाए.

ईरान ने इससे पहले सितंबर में कतर के माध्यम से अमेरिका को सात दिन का प्रस्ताव भेजा था. उस योजना के तहत शर्तें पूरी होने पर छठे दिन होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की गई थी.

ईरान की अतिरिक्त मांगें भी सामने आईं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल करने के लिए कुछ अतिरिक्त शर्तें भी रखी हैं. अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान और ओमान के बीच जहाजों के आवागमन को लेकर बनी नई व्यवस्था स्वीकार करनी होगी.

इसके अलावा, हाल के महीनों में लगाए गए प्रतिबंध हटाने और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने की मांग भी की गई है. अमेरिका ने अगस्त से ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. वाशिंगटन ने इसे ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की नीति बताया है.

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्तों में से एक है. यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है.

फरवरी के अंत में मध्य पूर्व में युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण जताया है. उसने बिना अनुमति यहां से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को निशाना बनाया है. जवाब में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया.

 ट्रंप ने दी ईरान पर नए हमले की धमकी

एक तरफ बातचीत की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई की आशंका भी बढ़ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्हें अभी ईरान के एक या दो ठिकानों से निपटना है. इनमें मध्य ईरान का पिकैक्स माउंटेन भी शामिल है.

अमेरिका को संदेह है कि इस जगह का संबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम से हो सकता है. हालांकि, ईरान इस स्थान को परमाणु केंद्र मानने से इनकार करता है.

हमले पर ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

ईरान ने साफ कर दिया है कि उस पर किसी भी तरह का नया सैन्य हमला हुआ तो इसका तत्काल जवाब दिया जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का शक्तिशाली और व्यापक जवाब दिया जाएगा.

इस तरह होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ईरान का प्रस्ताव अमेरिका की शर्तें मानने पर निर्भर है. दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकी और ईरान की जवाबी चेतावनी से क्षेत्र में तनाव कम होने के आसार फिलहाल मुश्किल नजर आ रहे हैं.

30 शब्दों में सारांश: ईरान ने अमेरिका के सामने चार शर्तें रखते हुए 48 घंटे में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की है. हालांकि, ट्रंप की हमले की धमकी से तनाव बरकरार है.