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राजस्थान: 9 साल बाद पिता की आत्मा को वापस लेने पहुंचा बेटा, अस्पताल के गेट पर बैठकर किया तंत्र-मंत्र

राजस्थान के कोटा में एक व्यक्ति अपने पिता की आत्मा को लेने के लिए अस्पताल पहुंच गया. जिनकी मृत्यु करीब 9 साल पहले हो चुकी है. वहां गेट पर बैठकर तंत्र क्रियाएं करता नजर आया. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
राजस्थान: 9 साल बाद पिता की आत्मा को वापस लेने पहुंचा बेटा, अस्पताल के गेट पर बैठकर किया तंत्र-मंत्र
Courtesy: Pinterest

कोटा: राजस्थान के कोटा में अंधविश्वास से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति अपने पिता की कथित आत्मा को लेने के लिए अस्पताल पहुंच गया. यह घटना न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर की है, जहां भीलवाड़ा जिले के छोटी बिजौलिया से आया एक परिवार तंत्र क्रियाएं करता नजर आया.

जानकारी के अनुसार दिनेश प्रजापति नामक युवक अपने परिवार और एक महिला तांत्रिक के साथ अस्पताल पहुंचा. उसके पिता की मृत्यु करीब 9 साल पहले 2017 में इसी अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी. अब परिवार का दावा है कि उनके घर में लगातार परेशानियां आ रही हैं और कोई काम ठीक से नहीं बन रहा है.

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि दिनेश की मुलाकात एक महिला तांत्रिक से हुई, जिसने उसे बताया कि उसके घर का वास्तु बिगड़ा हुआ है और उसके पिता की आत्मा भटक रही है. तांत्रिक के अनुसार जब तक पिता की आत्मा को वापस घर नहीं लाया जाएगा, तब तक परिवार की समस्याएं खत्म नहीं होंगी.

इसी विश्वास के चलते दिनेश अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंचा और गेट नंबर 4 जहां ऑक्सीजन सिलेंडर वितरण केंद्र स्थित है, उसके सामने बैठकर तंत्र-मंत्र की क्रियाएं करने लगा. परिवार के लोग अपने साथ मिट्टी के कलश, फूल, माला और धूप-अगरबत्ती लेकर आए थे. ढोल-नगाड़ों के साथ यह पूरा अनुष्ठान किया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए.

कैसा था वहां का माहौल?

अस्पताल परिसर में इस घटना ने चर्चा का माहौल बना दिया. कई लोग इसे अंधविश्वास मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं. हालांकि, चिकित्सा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐसी मान्यताओं का कोई प्रमाण नहीं है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में जागरूकता की कमी और मानसिक दबाव के कारण सामने आती हैं. जब लोग लगातार समस्याओं का सामना करते हैं, तो वे समाधान के लिए तांत्रिक या झाड़-फूंक जैसे उपायों की ओर रुख करते हैं. आज के आधुनिक समय में भी अंधविश्वास किस तरह लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहा है. प्रशासन ने इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन इस तरह की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने की बात कही है.