अलवर: राजस्थान के अलवर जिले से एक अजीब लेकिन चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां धूप से बचने के लिए अपनाया गया देसी तरीका एक युवक के लिए परेशानी बन गया. तेज गर्मी से राहत पाने के प्रयास में युवक ने अपने सिर पर खाली दूध की कैन रख ली, लेकिन कुछ ही देर में वह कैन उसके सिर में फंस गई. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उसे निकालने के लिए ग्रामीणों को लंबी मशक्कत करनी पड़ी और अंत में मशीन की मदद लेनी पड़ी.
अकबरपुर थाना क्षेत्र के माधोगढ़ गांव में रहने वाला कालूराम रैबारी खेत से जुड़ा काम कर रहा था. तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए उसने पास पड़ी 15 लीटर की खाली दूध की कैन सिर पर रख ली. शुरुआत में यह उपाय कारगर लगा और उसे धूप से कुछ राहत भी मिली. लेकिन कुछ समय बाद कैन सिर में इस तरह फंस गई कि वह न तो ऊपर उठाई जा सकी और न ही हटाई जा सकी. देखते ही देखते यह मामूली जुगाड़ बड़ी समस्या बन गया.
कैन को निकालने के लिए युवक ने खुद कई बार कोशिश की, लेकिन हर प्रयास नाकाम रहा. आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी मदद करने की कोशिश की, पर कैन और ज्यादा कसती चली गई. लगभग दो घंटे तक लगातार प्रयास के बावजूद कोई हल नहीं निकल पाया. युवक की परेशानी बढ़ती जा रही थी और स्थिति गंभीर होती जा रही थी. आखिरकार गांव वालों ने तय किया कि अब किसी तकनीकी मदद की जरूरत है.
ग्रामीण युवक को पास की एक हार्डवेयर दुकान पर ले गए, जहां कैन काटने का निर्णय लिया गया. दुकानदार ने पहले जोखिम देखते हुए मना कर दिया, क्योंकि सिर और कैन के बीच बहुत कम जगह थी. लेकिन युवक की हालत देखकर उसने सहमति दे दी. पहले थोड़ा गैप बनाया गया और फिर बेहद सावधानी के साथ युवक को जमीन पर लिटाकर ग्राइंडर मशीन से कैन को काटना शुरू किया गया.
रील की बीमारी!
— Arvind Sharma (@sarviind) April 26, 2026
अलवर का माधौगढ़। कालूराम को गेहूं बेचने के लिए जाना था। रील बनाने के लिए सिर पर दूध की खाली कैन लगाई। फिर क्या, फंस गई। हार्डवेयर की दुकान पर ले जाया गया। काटकर निकालना पड़ा। pic.twitter.com/603RALds4c
काफी देर की मेहनत के बाद आखिरकार कैन को काटकर अलग कर दिया गया और युवक को राहत मिली. सौभाग्य से इस पूरी प्रक्रिया में उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई. घटना के बाद गांव वालों ने भी राहत की सांस ली. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं और ऐसे जुगाड़ से बचने की सलाह दे रहे हैं.