पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. नए प्रभारी सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच राजनीतिक दूरी और साफ दिखाई देने लगी है. दोनों नेता अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए अपनी ताकत दिखा रहे हैं. इस बीच पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर पंजाब में पार्टी की गुटबाजी और संगठन की स्थिति पर चर्चा की है.
7 सितंबर को चन्नी ने जालंधर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण के विरोध में राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया. पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत चन्नी खेमे के कई वरिष्ठ नेता उनके साथ नजर आए. हालांकि, प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी. इससे पहले 28 अगस्त को बाबा बकाला के रखड़ पुण्या मेले में भी चन्नी ने सियासी मंच सजाया था, जहां वड़िंग गुट दिखाई नहीं दिया.
8 सितंबर को राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ जनसभा और प्रदर्शन आयोजित किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे और वड़िंग खेमे के कई वरिष्ठ नेताओं ने मंच साझा किया. AICC सचिव प्रभारी सूरज ठाकुर भी मौजूद रहे. वहीं चन्नी, रंधावा, परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैहरा समेत कई बड़े नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंचे. लगातार दो दिनों के इन कार्यक्रमों ने कांग्रेस के भीतर चल रही खेमेबंदी को चर्चा में ला दिया है.
राजा वड़िंग ने गुटबाजी की बात से इनकार करते हुए चन्नी को अपना बड़ा भाई बताया. उन्होंने कहा कि वह वरिष्ठ नेताओं से सीखकर आगे बढ़े हैं और राहुल गांधी की वजह से सांसद व प्रदेशाध्यक्ष बने. वड़िंग ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हाईकमान उन्हें पद से हटा भी दे तो किसी व्यक्ति के पीछे नहीं, बल्कि कांग्रेस के झंडे के साथ खड़े रहें. उनका कहना है कि हर कार्यक्रम में सभी नेताओं का पहुंचना जरूरी नहीं होता.
पंजाब के नए प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से अलग-अलग मुलाकात की. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठकों में वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने और गुटबाजी खत्म करने पर सलाह ली गई. पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने पर भी चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार, हाईकमान ने पायलट को सभी नेताओं को साथ लेकर चलने और विपक्षी दलों के खिलाफ मजबूत रणनीति तैयार करने को कहा है.