अहमदाबाद के फतेहवाड़ी इलाके में रहने वाली 22 वर्षीय सोफिया बोपल के एक अस्पताल में नौकरी करती थी. 12 अगस्त की रात वह अपने भाई मोहम्मद हाबिल के साथ बाइक से जा रही थी. इसी दौरान हाबिल ने पुलिस को बताया कि समृद्ध डेयरी के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी.
हादसे में दोनों घायल हुए और सोफिया की मौत हो गई. सूचना मिलने के बाद एम डिवीजन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को भाई के बयान पर संदेह हुआ.
पुलिस ने उस रास्ते के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जहां हाबिल ने दुर्घटना होने की बात कही थी. फुटेज में ऐसा कोई वाहन नजर नहीं आया, जो बाइक को टक्कर मारने की बात की पुष्टि करता. इसके बाद पुलिस ने हाबिल से सख्ती से पूछताछ की. पूछताछ आगे बढ़ने पर मामले की पूरी कहानी सामने आने लगी. पुलिस के अनुसार, हाबिल और उसके पिता मोहम्मद फारूक ने मिलकर सोफिया की हत्या की थी और बाद में उसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की.
पुलिस जांच में सामने आया कि सोफिया का कुछ समय पहले एक युवक के साथ वीडियो वायरल हुआ था. परिवार को कथित तौर पर डर था कि इससे समाज में उनकी बदनामी होगी. पिता और भाई ने सोफिया को समझाया भी था, लेकिन उन्हें उसके किसी अन्य युवक से संबंध होने का शक बना हुआ था. पुलिस के मुताबिक, इसी शक और बदनामी के डर के चलते पिता-पुत्र ने करीब तीन महीने पहले सोफिया की हत्या की साजिश रची थी.
पुलिस के अनुसार, 12 अगस्त को बारिश के दौरान हत्या की योजना को अंजाम दिया गया. आरोपियों ने ऐसा रास्ता चुना जहां रोशनी कम थी और सीसीटीवी कैमरे भी कम लगे थे. जांच के मुताबिक, हाबिल और फारूक उस अस्पताल के पास पहुंचे जहां सोफिया नौकरी करती थी. इसके बाद वे सोफिया को बाइक पर लेकर बोपल की ओर से वापस लौटे. पुलिस का आरोप है कि रास्ते में हाबिल ने हथौड़े से सोफिया के सिर पर वार किया. उसके बेहोश होने के बाद उसे बाइक से गिराकर दोबारा वार किए गए.