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आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के लिए खुशखबरी, अक्टूबर से आएगी बढ़ी हुई सैलरी; जानें कितने रुपये तक का होगा फायदा

उत्तर प्रदेश में आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी का शासनादेश जारी हो गया है. आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को अब 12 हजार रुपये और सहायिकाओं को 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के लिए खुशखबरी, अक्टूबर से आएगी बढ़ी हुई सैलरी; जानें कितने रुपये तक का होगा फायदा
Courtesy: Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बडी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद अब बढ़े हुए मानदेय को लेकर शासनादेश भी जारी कर दिया गया है. नई व्यवस्था के तहत आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को अब कुल 12 हजार रुपये प्रतिमाह और सहायिकाओं को 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा. बढ़ी हुई दर सितंबर 2026 से लागू मानी जाएगी, जबकि इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा.

मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया. इसके साथ ही प्रदेश की आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है. नई व्यवस्था में राज्य सरकार के हिस्से यानी राज्यांश में अतिरिक्त राशि बढाई गई है.

आंगनवाडी कार्यकर्ताओं राज्यांश में कितनी की गई बढ़ोतरी?

शासनादेश के अनुसार आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 4 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है. वहीं आंगनवाडी सहायिकाओं के राज्यांश में 2 हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है. इसके बाद कार्यकर्ताओं का कुल मासिक मानदेय 8 हजार रुपये से बढकर 12 हजार रुपये हो जाएगा. इसी तरह सहायिकाओं को अब 4 हजार रुपये के बजाय कुल 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे.

आसान भाषा में समझें तो आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को अभी केंद्र सरकार के मानदेय और प्रोत्साहन राशि तथा राज्य सरकार के अतिरिक्त मानदेय को मिलाकर कुल 8 हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं. अब राज्यांश के तौर पर 4 हजार रुपये और जुडने के बाद उनका कुल मानदेय 12 हजार रुपये हो जाएगा. इसी तरह सहायिकाओं के मौजूदा 4 हजार रुपये के मानदेय में 2 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि जुडेगी और उन्हें कुल 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे.

सितंबर से लागू होगी नई दर

बढ़े हुए मानदेय की सबसे अहम बात इसकी प्रभावी तारीख है. शासनादेश के मुताबिक नई दर सितंबर 2026 से लागू होगी. हालांकि इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा. इसका मतलब है कि अक्टूबर में मिलने वाले भुगतान में सितंबर का बढा हुआ मानदेय भी शामिल होगा. ऐसे में आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अक्टूबर के भुगतान का इंतजार रहेगा.

बढ़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए फैसला

सरकार ने मानदेय बढाने के पीछे आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की बढ़ती जिम्मेदारियों को प्रमुख वजह बताया है. आंगनवाडी केंद्र अब केवल छोटे बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं हैं. बच्चों के पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा यानी ECCE, पोषण संबंधी सेवाओं और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है.

इसके अलावा अलग अलग सरकारी योजनाओं के बीच समन्वय में भी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी लगातार बढ रही है. सरकार का मानना है कि काम और जिम्मेदारियां बढने के साथ मानदेय में भी समय के अनुसार बदलाव जरूरी है. इसी को देखते हुए राज्यांश में अतिरिक्त राशि बढाने का फैसला लिया गया है.

निदेशक को कार्रवाई के निर्देश

शासनादेश जारी होने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग को दी गई है. अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर को शासनादेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.