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9 से 5 की ड्यूटी और इमरजेंसी में लगाने होंगे 2 राउंड... पटना के डॉक्टरों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तय किए नए नियम

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए विभाग ने डॉक्टरों की उपस्थिति, इमरजेंसी राउंड, खाली पदों और आयुष्मान योजना को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
9 से 5 की ड्यूटी और इमरजेंसी में लगाने होंगे 2 राउंड... पटना के डॉक्टरों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तय किए नए नियम
Courtesy: AI

पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल यानी PMCH की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई सख्त कदम उठाए हैं. अब अस्पताल के सभी डॉक्टरों को एनएमसी के नियमों के मुताबिक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से मौजूद रहना होगा. इमरजेंसी यूनिट में तैनात चिकित्सकों को रोजाना कम से कम दो बार मरीजों का राउंड करना होगा. मंगलवार को विभागीय अधिकारियों ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की.

डॉक्टरों की उपस्थिति होगी अनिवार्य

स्वास्थ्य विभाग ने पीएमसीएच के डॉक्टरों की ड्यूटी को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं. सभी चिकित्सकों को प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अस्पताल में रहना होगा. यह व्यवस्था राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप लागू की जा रही है. विभाग का मकसद मरीजों को समय पर डॉक्टर उपलब्ध कराना और अस्पताल की सेवाओं में सुधार लाना है. मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया.

इमरजेंसी मरीजों पर रहेगी खास नजर

आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए इमरजेंसी यूनिटों में तैनात डॉक्टरों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें हर दिन कम से कम दो बार वार्ड में जाकर मरीजों की स्थिति देखनी होगी. अधिकारियों का मानना है कि नियमित राउंड से गंभीर मरीजों में होने वाले बदलाव का समय पर पता लगाया जा सकेगा. इससे जरूरत पड़ने पर इलाज में तुरंत बदलाव करना आसान होगा और आपात स्थिति में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी.

खाली पदों की सूची तुरंत भेजने का निर्देश

पीएमसीएच में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रशासन से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है. स्वास्थ्य सचिव ने अधीक्षक के साथ चर्चा के बाद खाली पदों की अधियाचना जल्द विभाग को भेजने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान नए ओपीडी, पंजीकरण काउंटर और दवा वितरण केंद्र के निर्माण की प्रगति भी देखी गई. एलएंडटी और बीएमएसआइसीएल के अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा और तय समयसीमा का पालन करने को कहा गया.

आयुष्मान मित्र मरीजों की करेंगे मदद

अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना को सुचारू बनाने के लिए जल्द प्रशिक्षित आयुष्मान मित्रों की तैनाती की जाएगी. वे मरीजों को योजना से जुड़ी प्रक्रिया में सहायता करेंगे. डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए तकनीकी जानकारी देने वाली कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी. दवाओं की उपलब्धता में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए अमृत फार्मा के साथ बेहतर समन्वय बनाने का निर्देश दिया गया है. विभाग का लक्ष्य है कि पात्र मरीजों को इमरजेंसी समेत इलाज में योजना का लाभ बिना रुकावट मिले.