पंजाब: किसान सरकार की तारीफों के पुल बांध रहे हैं. वे कह रहे हैं कि मान सरकार को दूसरे कार्यकाल के लिए वोट देकर पुरस्कृत करना चाहिए. वर्षों से नहर के पानी के लिए परेशान रहने वाले गांव के बुजुर्गों और किसानों के चेहरे अब खुशी से खिल उठे हैं. पहले गांव के लोग नहर के पानी को लेकर एक-दूसरे से झगड़ते थे. छोटे-छोटे किसान पानी की बारी का इंतजार करते-करते थक जाते थे. कई बार फसल सूख जाती या कमजोर हो जाती. लेकिन मान सरकार के आने के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है.
सरकार ने नहर प्रणाली को मजबूत किया, पानी की नियमित सप्लाई शुरू की और किसानों की पुरानी शिकायतों को दूर किया. एक 70 वर्षीय किसान राम सिंह बताते हैं- 'पहले नहर का पानी आने पर लड़ाई होती थी. अब पानी इतना आ रहा है कि पूरा खेत लहलहा रहा है. धान, गेहूं और सब्जियों की फसल अच्छी हो रही है. सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया.'
ਕਿਸਾਨ ਵੀਰ ਕਹਿੰਦੇ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਦੂਜੀ ਵਾਰੀ ਵੋਟਾਂ ਠੋਕ ਕੇ ਪਾਉਣੀਆਂ!
— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 16, 2026
ਜਿਹੜੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਵੀਰਾਂ ਨੂੰ ਲੋਕ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਲਈ ਟਿੱਚਰਾਂ ਕਰਦੇ ਸੀ, ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਖੇਤਾਂ 'ਚ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਨਾਲ਼ ਲਹਿਰਾਂ-ਬਹਿਰਾਂ ਕਰ ਦਿੱਤੀਆਂ, ਇੱਕ-ਇੱਕ ਕੰਮ ਦੀ ਸਿਫ਼ਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਕਹਿੰਦੇ "ਦੂਜੀ ਵਾਰ ਤਾਂ ਬਣਦਾ ਹੈ" pic.twitter.com/XlLZRodUYv
इसी गांव के दूसरे किसान बलदेव सिंह कहते हैं- 'हमारे बुजुर्ग सालों तक पानी के लिए परेशान रहते थे. अब वही बुजुर्ग सरकार की तारीफ करते नहीं थकते. वे कहते हैं कि यह काम दोबारा भी होना चाहिए. मतलब सरकार को फिर से मौका मिलना चाहिए.'
मान सरकार ने सिर्फ नहर का पानी ही नहीं पहुंचाया, बल्कि सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के कई कदम उठाए हैं. पुरानी नहरों की मरम्मत, नई पाइपलाइन और ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया गया है. इससे पानी की बर्बादी रुकी है और दूर-दराज के खेतों तक पानी पहुंचने लगा है. किसान नेता और गांव के युवा भी इस बदलाव से खुश हैं.
सरकार के इस काम को देखकर कई गांवों में किसान एकजुट होकर कह रहे हैं कि 'दूसरी बार भी यही सरकार चाहिए.' वे मानते हैं कि निरंतर कार्य करने वाली सरकार ही विकास कर सकती है. पानी की समस्या हल होने के साथ-साथ सरकार अन्य क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क सुविधा पर भी ध्यान दे रही है, जिससे गांवों का पूरा माहौल बदल रहा है.