नशे के बढ़ते जाल के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खन्ना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने गांव जसपालों में एक रिहायशी घर के भीतर गुपचुप तरीके से संचालित किए जा रहे अवैध नशा मुक्ति केंद्र का पर्दाफाश किया है. सदर थाना पुलिस और स्पेशल ब्रांच की संयुक्त टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर इस ठिकाने पर औचक छापेमारी की. इस दौरान टीम ने घर के भीतर दयनीय हालातों में रखे गए करीब 10 युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह केंद्र बिना किसी सरकारी मंजूरी, नियमों या वैध लाइसेंस के चलाया जा रहा था. कोट चौकी प्रभारी कर्मजीत सिंह के अनुसार, हरदेव सिंह नामक व्यक्ति अपने ही घर में यह अवैध कारोबार कर रहा था. छुड़ाए गए सभी युवकों को तत्काल मेडिकल जांच के लिए समराला सिविल अस्पताल भेजा गया है. हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग का रवैया बेहद निराशाजनक रहा; पुलिस अधिकारियों के बार-बार फोन करने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा.
पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह अवैध केंद्र कब से सक्रिय था. गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में एसएसपी के निर्देश पर चार अवैध नशा मुक्ति केंद्रों पर बड़ी छापेमारी की गई थी, जहां से 100 से अधिक लोगों को मुक्त कराया गया था. पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.