चंडीगढ़: मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, चंडीगढ़ में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संस्थान में 50 अतिरिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा. इस फैसले से अधिक छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई का अवसर मिलेगा और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की मंजूरी के बाद जीएमसीएच चंडीगढ़ में एमबीबीएस सीटों की संख्या 150 से बढ़कर 200 हो जाएगी. यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी. अतिरिक्त 50 सीटें जुड़ने से उन विद्यार्थियों को भी मौका मिलेगा, जो सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रहे हैं.
संस्थान के अनुसार यह स्वीकृति लंबे समय से किए जा रहे शैक्षणिक और अधोसंरचनात्मक सुधारों का परिणाम है. कॉलेज ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा निर्धारित सभी गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए शिक्षण व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं को लगातार मजबूत किया. इसी आधार पर सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली.
कॉलेज प्रशासन ने इस मंजूरी को संस्थान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. प्रशासन का कहना है कि बढ़ी हुई प्रवेश क्षमता से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिल सकेगी. साथ ही संस्थान की पहचान उत्तर भारत के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में और मजबूत होगी.
सीटों की संख्या बढ़ने से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर मिलेगा. इससे प्रतिस्पर्धी छात्रों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आने वाले वर्षों में प्रशिक्षित और योग्य चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने में मददगार साबित होगा.
जीएमसीएच प्रशासन का मानना है कि अतिरिक्त सीटों का लाभ केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा. अधिक संख्या में प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार होने से भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी. क्षेत्र के अस्पतालों में योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की संभावना भी मजबूत होगी.