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पंजाब निकाय चुनावों पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राज्यपाल से मिलकर सौंपा शिकायत पत्र

पंजाब भाजपा ने नगर निगम और नगर परिषद चुनावों में सत्ता के दुरुपयोग, विपक्षी उम्मीदवारों को डराने और प्रशासनिक हस्तक्षेप के आरोप लगाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. राज्यपाल ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया.

KanhaiyaaZee
पंजाब निकाय चुनावों पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राज्यपाल से मिलकर सौंपा शिकायत पत्र
Courtesy: X

चंडीगढ़: पंजाब में हाल ही में हुए नगर निगम, नगर परिषद और मेयर चुनावों को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है. भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. पार्टी का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिला और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा.

चंडीगढ़ में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी शिकायतें विस्तार से रखीं. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि चुनावों के दौरान कई स्थानों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. पार्टी ने राज्यपाल से आग्रह किया कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए.

चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप

प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले वार्डों का परिसीमन मनमाने तरीके से किया गया. उन्होंने दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाया गया, कुछ स्थानों पर नामांकन प्रक्रिया में भी बाधाएं उत्पन्न की गईं और प्रचार के दौरान भी राजनीतिक दबाव का माहौल बनाया गया. भाजपा के अनुसार मतदान और मतगणना के दौरान भी प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में रही.

अबोहर समेत कई नगरों का किया उल्लेख

भाजपा ने अपने ज्ञापन में अबोहर नगर निगम का विशेष रूप से जिक्र किया. पार्टी का दावा है कि वहां उसके पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद महापौर पद की घोषणा आम आदमी पार्टी के पक्ष में की गई. विरोध के बाद यह प्रक्रिया रोकनी पड़ी. भाजपा ने कहा कि इसी तरह के घटनाक्रम राजपुरा, कपूरथला और बरनाला सहित अन्य नगरों में भी देखने को मिले.

भाजपा ने रखीं कई प्रमुख मांगें

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की. साथ ही चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेज, वीडियोग्राफी और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तथा उनकी जांच कराने का अनुरोध किया. भाजपा ने यह भी मांग की कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका नियमों के विपरीत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं.

राज्यपाल ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

भाजपा नेताओं के अनुसार राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना और सभी बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया. इस प्रतिनिधिमंडल में केवल सिंह ढिल्लों के साथ सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा, जंगी लाल महाजन, राकेश राठौर, दयाल सिंह सोढ़ी, परमिंदर सिंह बराड़, अमनजोत कौर रामूवालिया, सुभाष शर्मा, विनीत जोशी और काका कंबोज भी मौजूद रहे.