पंजाब में पूर्व ED अधिकारी निरंजन सिंह के राजनीतिक दल में शामिल होने की चर्चा है. निरंजन सिंह ने कहा कि वह अमृतपाल सिंह की पार्टी में शामिल होंगें. उनका मानना है कि पंजाब में नशे के खिलाफ काम होना चाहिए. वह पहले कई चर्चित मामलों की जांच से जुड़े रहे हैं.
निरंजन सिंह ने कहा कि पंजाब में कई सरकारें नशा खत्म करने का वादा कर चुकी हैं लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है. उन्होंने भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को भी राज्य की बड़ी समस्याओं में बताया. उनके अनुसार, उन्होंने इस पार्टी को नशे के मुद्दे पर गंभीर पाया, इसलिए इसके साथ जुड़ने का फैसला किया. अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह के उनके घर आने और पार्टी में शामिल होने का आग्रह करने की बात भी उन्होंने कही. चुनाव लड़ने को लेकर निरंजन सिंह ने फिलहाल कोई योजना नहीं बताई है.
निरंजन सिंह ED के जालंधर कार्यालय में तैनात रहते हुए पंजाब के चर्चित ड्रग्स-मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से जुड़े थे. 26 दिसंबर 2014 को ED की टीम ने तत्कालीन पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से इस मामले में पूछताछ की थी. उस समय निरंजन सिंह भी जांच टीम का हिस्सा थे. जनवरी 2015 में उनका जालंधर से कोलकाता ट्रांसफर किया गया था. इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस ट्रांसफर को चुनौती दी गई और अदालत ने आदेश पर रोक लगाई. बाद में नवंबर 2015 में ट्रांसफर रद्द कर दिया गया और वह पंजाब में जांच से जुड़े रहे.
निरंजन सिंह 2013 में सामने आए करीब 6,000 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग्स रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में प्रमुख अधिकारी रहे. इस केस में ड्रग्स से कमाए पैसे, संपत्तियों और लेन-देन की जांच की गई थी. बाद में इसी मामले में कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 2016 में निरंजन सिंह को असिस्टेंट डायरेक्टर से डिप्टी डायरेक्टर बनाया गया. उन्होंने 2018 में ED छोड़ने का फैसला किया था लेकिन बाद में इस्तीफा वापस ले लिया. इसके बाद 31 मई 2021 को वह डिप्टी डायरेक्टर के पद से रिटायर हुए.