प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को 645 करोड़ रुपये के कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की. ईडी की टीमों ने तीन शहरों में 14 जगह तलाशी ली. कार्रवाई में ज्वेलर्स और कथित बिचौलियों से जुड़े ठिकाने शामिल रहे. एजेंसी ने कई दस्तावेज और अन्य सामग्री जांच के लिए कब्जे में ली.
ईडी के अनुसार, यह जांच हरियाणा पुलिस की फरवरी 2026 की एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत शुरू हुई थी. मामला हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के कुछ बैंक खातों में रकम को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ी से जुड़ा है. एजेंसी का आरोप है कि सरकारी खातों से निकली रकम को अलग-अलग ज्वेलर्स के बैंक खातों से घुमाया गया और सामान्य कारोबार का हिस्सा दिखाने की कोशिश की गई.
जांच एजेंसी के मुताबिक, हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से जुड़ी रकम को कई खातों के जरिए आगे भेजे जाने के संकेत मिले हैं. ईडी कथित बिचौलियों, ज्वेलर्स और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है. एजेंसी का कहना है कि तलाशी में रकम की रूटिंग, लेयरिंग और उसे छिपाने से जुड़े दस्तावेज मिले हैं.
ईडी के मुताबिक मामले में पहले चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच के दौरान करीब 211 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अटैच, जब्त या फ्रीज किया गया है. एजेंसी ने पीएमएलए की विशेष अदालत में 14 आरोपितों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है. मामले में आरोपों पर अंतिम न्यायिक फैसला अभी बाकी है.