सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. केरल सरकार ओणम पर्व से पहले अपने कर्मचारियों को राहत देने की तैयारी में दिखाई दे रही है. दूसरी ओर, केंद्र सरकार के कर्मचारियों की नजर आगामी डीए बढ़ोतरी और आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है.
केरल सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है. राज्य सरकार का उद्देश्य ओणम जैसे बड़े त्योहार से पहले कर्मचारियों की आय में कुछ अतिरिक्त राहत देना है. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो इसका लाभ अगस्त 2026 के वेतन के साथ दिया जा सकता है. सरकारी आकलन के अनुसार इस फैसले से राज्य के खजाने पर करीब 60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. ओणम केरल का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है और इस दौरान खर्च बढ़ जाता है. ऐसे में डीए बढ़ोतरी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को मजबूत करने में मदद कर सकती है.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए महंगाई भत्ते की नई घोषणा का इंतजार है. जानकारों का मानना है कि इस बार डीए में 3 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है. ऐसा होने पर महंगाई भत्ता मौजूदा 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 या 64 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इससे पहले जनवरी 2026 से डीए और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई थी. महंगाई भत्ते की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है और इसकी समीक्षा साल में दो बार होती है. आमतौर पर इसकी घोषणा मार्च और अक्टूबर में की जाती है.
महंगाई भत्ते के साथ-साथ कर्मचारियों की निगाहें आठवें वेतन आयोग की प्रगति पर भी बनी हुई हैं. आयोग से उम्मीद की जा रही है कि वह अगले वर्ष की पहली छमाही तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है. फिलहाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं और इसे 2.28 से 2.86 के बीच माना जा रहा है. सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 था. विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम निर्णय महंगाई की स्थिति, सरकारी वित्तीय क्षमता और कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत के बाद लिया जाएगा. फिटमेंट फैक्टर को वेतन संशोधन का सबसे अहम आधार माना जाता है क्योंकि इसी के आधार पर मूल वेतन और उससे जुड़े कई भत्तों की गणना तय होती है.