नई दिल्ली: कनाडा में पति या पत्नी के जरिए इमिग्रेशन लेने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक जरूरी चेतावनी सामने आई है. कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप विभाग ने फर्जी विवाह और बनावटी रिश्तों को लेकर लोगों को सतर्क किया है. सरकार के मुताबिक, अगर किसी रिश्ते का असली मकसद साथ जीवन बिताने के बजाय कनाडा में प्रवेश या स्थायी निवास हासिल करना है, तो उसे इमिग्रेशन फ्रॉड के तौर पर देखा जा सकता है.
सरकार ने संभावित स्पॉन्सर से भी सावधानी बरतने को कहा है. खासकर ऐसे मामलों में जहां किसी व्यक्ति से हाल ही में मुलाकात हुई हो और वह जल्द शादी करने का दबाव बना रहा हो. परिवार, पिछली जिंदगी या रिश्ते से जुड़ी जानकारी छिपाना भी संदेह का कारण बन सकता है. अधिकारियों के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक को इमिग्रेशन दिलाने के लिए जानबूझकर बनाया गया रिश्ता स्पॉन्सर के लिए भी कानूनी परेशानी खड़ी कर सकता है.
कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारी फर्जी रिश्तों की पहचान के लिए प्रशिक्षित हैं. आवेदन की जांच में विवाह से जुड़े दस्तावेज, रिश्ते से संबंधित जानकारी और अन्य प्रमाण देखे जा सकते हैं. जरूरत पड़ने पर आवेदक और स्पॉन्सर का इंटरव्यू भी लिया जा सकता है. सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वास्तविक रिश्तों और केवल इमिग्रेशन लाभ के लिए बनाए गए रिश्तों के बीच अंतर करना है.
Think carefully before marrying someone and sponsoring them to come to Canada, especially if:
🚩 you’ve just met
🚩 the person wants to get married quickly
🚩 the person has been married or in a common-law relationship many times before
🚩 the person hasn’t shared much…— IRCC (@CitImmCanada) September 21, 2026Also Read
यदि जांच में यह सामने आता है कि शादी सिर्फ कनाडा का वीजा या PR हासिल करने के लिए की गई थी, तो मामला गंभीर हो सकता है. ऐसे आवेदन को अस्वीकार किया जा सकता है. सरकार की जानकारी के अनुसार, इमिग्रेशन प्रक्रिया में गलत जानकारी या धोखाधड़ी पाए जाने पर कनाडा में प्रवेश पर पांच साल तक रोक भी लग सकती है. कुछ परिस्थितियों में संबंधित व्यक्ति पर आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान भी है.
कनाडा सरकार की चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इमिग्रेशन के लिए होने वाली कथित अनुबंध शादियों को लेकर चिंता जताई जा रही है. ऐसे मामलों में रिश्ता किसी इमिग्रेशन लाभ के बदले तय किए जाने का आरोप होता है. बताया जाता है कि कुछ मामलों में पढ़ाई या विदेश जाने का खर्च उठाने के बदले शादी की व्यवस्था की जाती है और बाद में स्पॉन्सरशिप के जरिए कनाडा पहुंचने की कोशिश होती है. यहां पंजाब के लिए यह खबर इसलिए भी अहम क्योंकि भारत से सबसे ज्यादा लोग पंजाब से ही कनाडा जाते हैं. कनाडा को मिनी पंजाब भी कहा जाता है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वास्तविक विवाह में घरेलू हिंसा या दुर्व्यवहार झेल रहा व्यक्ति केवल अपना इमिग्रेशन स्टेटस बचाने के डर से रिश्ते में रहने के लिए बाध्य नहीं है. ऐसे लोगों को कानूनी मदद लेने का अधिकार है. कनाडाई व्यवस्था में हिंसा से प्रभावित जीवनसाथियों के लिए सहायता और कुछ विशेष इमिग्रेशन विकल्प उपलब्ध हैं. सरकार का कहना है कि फर्जीवाड़े पर कार्रवाई के साथ पीड़ितों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है.