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India Daily

ओला-उबर को मिलेगी टक्कर! ट्राईसिटी में अगस्त से शुरू होगी 'भारत टैक्सी' सेवा, जानें क्या होगी खासियत

चंडीगढ़ ट्राईसिटी में अगस्त के दूसरे सप्ताह से 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू होने की तैयारी है. करीब 11 हजार टैक्सी चालक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं. सरकार का दावा है कि यह मॉडल ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के लिए अधिक लाभदायक होगा.

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Edited By: Babli Rautela
ओला-उबर को मिलेगी टक्कर! ट्राईसिटी में अगस्त से शुरू होगी 'भारत टैक्सी' सेवा, जानें क्या होगी खासियत
Courtesy: AI

चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला यानी ट्राईसिटी के लोगों को जल्द ही टैक्सी सेवा का नया विकल्प मिलने वाला है. केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी 'भारत टैक्सी' सेवा अगस्त के दूसरे सप्ताह से शुरू होने की तैयारी में है. इस नई सेवा को ओला और उबर जैसे मौजूदा कैब प्लेटफॉर्म का विकल्प माना जा रहा है. फिलहाल ट्राईसिटी के करीब 11 हजार टैक्सी चालकों का पंजीकरण किया जा चुका है और लगातार नए चालक भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं.

लॉन्चिंग कार्यक्रम चंडीगढ़ में होगा

जानकारी के अनुसार, भारत टैक्सी का लॉन्चिंग कार्यक्रम चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर में आयोजित किया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है. हालांकि, उनके दौरे को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इसके अलावा पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के भी कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है.

टैक्सी के साथ ई-रिक्शा भी होंगे शामिल

भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म पर केवल टैक्सी ही नहीं, बल्कि ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को भी जोड़ा जा रहा है. इसका उद्देश्य यात्रियों को कम दूरी की यात्रा के लिए भी किफायती, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना है.

भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर से हुई थी. इसके बाद अहमदाबाद, सूरत और राजकोट सहित गुजरात के कई शहरों में भी यह सेवा शुरू की जा चुकी है. अब चंडीगढ़ को इस राष्ट्रीय नेटवर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जा रहा है, जहां से आगे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक इसका विस्तार करने की योजना है.

ओला-उबर से कैसे अलग है भारत टैक्सी?

भारत टैक्सी को देश का पहला सहकारी (कोऑपरेटिव) टैक्सी प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है.

इस मॉडल की प्रमुख विशेषताएं—

  •  ड्राइवरों से भारी कमीशन नहीं लिया जाएगा.
  •  टैक्सी चालक स्वयं सहकारी संस्था के सदस्य होंगे.
  •  ड्राइवरों को आय के साथ सामाजिक सुरक्षा का भी लाभ मिलने का दावा किया गया है.
  •  यात्रियों को अधिक पारदर्शी किराया मिलने की उम्मीद है.
  •  सर्ज प्राइसिंग जैसी शिकायतें कम हो सकती हैं.
  •  स्थानीय स्तर पर अधिक वाहन उपलब्ध होने से वेटिंग टाइम घटने की संभावना है.

ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को होगा फायदा

उन्नति कोऑपरेटिव और सहकार भारती के अनुसार, यदि यह मॉडल सफल रहता है तो ट्राईसिटी के हजारों टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों को बेहतर और स्थायी रोजगार का अवसर मिलेगा. वहीं यात्रियों को कम लागत में सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी टैक्सी सेवा उपलब्ध हो सकेगी.