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पाकिस्तान की कोयला खदान में विस्फोट, 32 मजदूरों की गई जान; कई अब भी जमीन के नीचे फंसे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 32 मजदूरों की मौत हो गई.

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Edited By: Reepu Kumari
पाकिस्तान की कोयला खदान में विस्फोट, 32 मजदूरों की गई जान; कई अब भी जमीन के नीचे फंसे
Courtesy: @CCTVAsiaPacific

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में गुरुवार को एक बड़ा खनन हादसा सामने आया. क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित एक कोयला खदान में हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 32 मजदूरों की मौत हो गई. प्रशासन के अनुसार कई अन्य मजदूर खदान के भीतर फंसे होने की आशंका है, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है. अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में विस्फोट की वजह खदान के भीतर मीथेन गैस का अत्यधिक जमाव माना जा रहा है. बचाव दल बेहद कठिन परिस्थितियों में अंदर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि सभी फंसे मजदूरों का पता लगने तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा.

मीथेन गैस के कारण हुआ भीषण विस्फोट

सरकारी खान निरीक्षक के अनुसार खदान में मीथेन गैस जमा होने के कारण यह विस्फोट हुआ. भूमिगत कोयला खदानों में मीथेन गैस सबसे खतरनाक जोखिमों में से एक मानी जाती है. विस्फोट के बाद खदान के भीतर हालात बेहद गंभीर हो गए और ऑक्सीजन का स्तर तेजी से प्रभावित होने की बात भी अधिकारियों ने कही है.

राहत अभियान जारी, जीवित मिलने की उम्मीद कम

बचाव दल ने पहले सात शव बरामद किए, जिसके बाद अभियान के दौरान 25 और शव निकाले गए. इस तरह मृतकों की संख्या 32 तक पहुंच गई. अधिकारियों के अनुसार 10 मजदूर अब भी अंदर फंसे हो सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मीथेन विस्फोट के बाद जीवित लोगों के मिलने की संभावना लगातार कम होती जाती है.

मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान

बलूचिस्तान के खान एवं खनिज मंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को पांच लाख पाकिस्तानी रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. प्रशासन ने बताया कि बरामद किए गए शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपे जा रहे हैं, जबकि कई परिवार अब भी राहत कार्य पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं.

घटना की जांच के आदेश, सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

प्रांतीय सरकार ने विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच कराने का फैसला लिया है. साथ ही खदानों में लागू सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

मजदूर संगठन ने लापरवाही का लगाया आरोप

कोयला खदान मजदूर संघ ने इस हादसे के लिए कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है. संगठन ने मांग की है कि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले जिम्मेदार लोगों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. मजदूर संगठनों का कहना है कि बलूचिस्तान की कई खदानों में पर्याप्त वेंटिलेशन, गैस निगरानी उपकरण और सुरक्षा संसाधनों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है.