चंडीगढ़: पंजाब में आज राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने वाली हैं. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. हालांकि दोनों दलों के कार्यक्रम अलग-अलग होंगे, लेकिन दोनों का मुख्य फोकस छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को घेरना रहेगा. जिला स्तर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की तैयारी की गई है. कांग्रेस शांतिपूर्ण सत्याग्रह और कैंडल मार्च के जरिए अपना विरोध दर्ज कराएगी, जबकि आम आदमी पार्टी ‘थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ’ अभियान चलाएगी. दोनों दलों का कहना है कि वे छात्रों के हितों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रखेंगे.
पंजाब कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में राज्यव्यापी सत्याग्रह का आह्वान किया है. पार्टी के अनुसार सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से धरना देंगे और इसके बाद कैंडल मार्च भी निकालेंगे. कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों से जुड़े मुद्दों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर जनता के सामने अपनी बात रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
कांग्रेस ने नीट और सीबीएसई परीक्षा घोटालों, छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों और छात्र विरोधी नीतियों को अपने प्रदर्शन का प्रमुख आधार बनाया है. पार्टी का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल हो चुकी है और छात्रों पर दमन किया जा रहा है. इसी के साथ कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी जोरदार तरीके से उठाएगी.
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी भी आज पंजाब के सभी जिलों में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी. पार्टी ने इस विरोध अभियान को ‘थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ’ नाम दिया है. कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर थाली बजाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे. पार्टी का कहना है कि यह अभियान छात्रों के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है.
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा घोटालों और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है. इसी उद्देश्य से पूरे पंजाब में यह राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा, जिसमें कार्यकर्ता थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.
राज्यभर में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के अलग-अलग विरोध कार्यक्रमों के चलते पंजाब का राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना है. कांग्रेस जिला मुख्यालयों पर सत्याग्रह और कैंडल मार्च आयोजित करेगी, जबकि आम आदमी पार्टी सभी जिलों में अपने निर्धारित अभियान के तहत प्रदर्शन करेगी. दोनों दलों का कहना है कि उनका आंदोलन छात्रों से जुड़े मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आयोजित किया जा रहा है.