बरनाला: पंजाब के बरनाला में सफाई सेवकों पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गया है. पंजाब सरकार ने इस घटना को गंभीर मानते हुए डीएसपी सिटी सतवीर सिंह बैंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद साफ संकेत दिया गया है कि कानून व्यवस्था के नाम पर किसी भी तरह की लापरवाही या अनुचित बल प्रयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बरनाला में दो दिन पहले हुए विवाद के बाद पंजाब सरकार ने त्वरित कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर डीएसपी सिटी सतवीर सिंह बैंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इस फैसले की जानकारी संगरूर से सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की. उन्होंने बताया कि पूरे मामले पर मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया.
घटना बरनाला के हंडियाया बाजार में हुई थी, जहां सफाई सेवकों का प्रदर्शन चल रहा था. इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया. आरोप है कि स्थिति संभालने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया. घटना के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें महिला सफाई सेवकों के साथ कथित मारपीट दिखाई देने का दावा किया गया. इन वीडियो के वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया.
सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने घटना का विरोध किया. प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई. बढ़ते जनदबाव के बीच प्रशासन पर भी पूरे मामले में जवाब देने का दबाव बढ़ता गया. सरकार ने घटनाक्रम पर नजर रखते हुए रिपोर्ट जुटानी शुरू की.
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग और पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की. दोनों आयोगों ने घटना के सभी पहलुओं की जानकारी मांगी. आयोगों के हस्तक्षेप के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया. इसके बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी.
डीएसपी के निलंबन को सरकार की सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. पंजाब सरकार का कहना है कि किसी भी नागरिक के साथ अनुचित व्यवहार या बल प्रयोग की शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच की जाएगी. प्रशासनिक स्तर पर आगे की जांच जारी रहेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी.