menu-icon
India Daily

महाराष्ट्र FDA त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, 3068 दुकानों की जांच, 248 लाइसेंस सस्पेंड

महाराष्ट्र FDA ने त्योहारों से पहले खाद्य मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. 1 से 23 सितंबर के बीच 3,068 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हुई. इनमें 248 लाइसेंस निलंबित और 12 लाइसेंस रद्द किए गए.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
महाराष्ट्र FDA त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, 3068 दुकानों की जांच, 248 लाइसेंस सस्पेंड
Courtesy: Pinterest

महाराष्ट्र में त्योहारों के सीजन से पहले खाद्य मिलावट के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने 1 से 23 सितंबर के बीच पूरे राज्य में 3,068 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान नियमों में कमी मिलने पर 1,506 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि गंभीर उल्लंघन के मामलों में 248 लाइसेंस निलंबित और 12 लाइसेंस रद्द किए गए.

FDA ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए पूरे साल के लिए स्थायी व्यवस्था लागू की है. इसके तहत 'फेस्टिवल एनफोर्समेंट पोर्टल' लॉन्च किया गया है. पोर्टल पर मकर संक्रांति से लेकर क्रिसमस तक पूरे साल होने वाले त्योहारों की जानकारी उपलब्ध होगी. साथ ही अधिकारियों की तैनाती और जांच की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी.

FDA ने क्या बताया?

त्योहारों के दौरान मोदक, पेड़ा, खोया, पनीर, घी, दूध, दही, खाद्य तेल और सूखे मेवों की मांग बढ़ जाती है. वहीं व्रत के दौरान भगर, साबूदाना और राजगिरा जैसे खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ती है. FDA के मुताबिक कम समय में मांग बढ़ने के कारण मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है.

पोर्टल के जरिए भंडारा, अन्नछत्र और महाप्रसाद जैसे सामुदायिक भोजन कार्यक्रम आयोजित करने वाले मंडल ऑनलाइन जानकारी दे सकेंगे. इसके लिए उन्हें FDA कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी. अब तक ऐसे आयोजनों से जुड़े 3,198 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हो चुके हैं.

अधिकारियों की नियुक्ति

FDA ने बताया कि पूरे महाराष्ट्र में 90 जोन के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी. जोखिम के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 383 जगहों का मौके पर निरीक्षण किया. इस दौरान भोजन तैयार करने की जगह, पीने के पानी, कच्चे माल की गुणवत्ता, भोजन के भंडारण और कर्मचारियों की साफ-सफाई को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए. जांच के दौरान खाद्य कानून की धारा 69 के तहत 455 मामले दर्ज किए गए. इनमें से 398 मामलों का निपटारा हो चुका है. इन मामलों में कुल 53.60 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है.

FDA का कहना है कि जोखिम आधारित जांच व्यवस्था से उपलब्ध कर्मचारियों का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे उन स्थानों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जहां खाद्य मिलावट या असुरक्षित खाद्य पदार्थों का खतरा अधिक है. विभाग के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और कार्रवाई को तेज, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाना है.