IIT बॉम्बे ने साहिल वाकोडे की मौत को लेकर 21 सितंबर को जारी अपने पुराने बयान पर अब स्पष्टीकरण दिया है. संस्थान ने माना कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े विवरण को निश्चित रूप में पेश करना उचित नहीं था. IIT बॉम्बे ने इसके लिए माफी भी मांगी है.
संस्थान ने कहा है कि साहिल की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच संबंधित एजेंसियों की ओर से की जा रही है. इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी घटनाक्रम को अंतिम तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए.
बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के हॉस्टल में मौत हो गई थी. इससे कुछ घंटे पहले वह एक परीक्षा में शामिल हुआ था. रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई थी और ChatGPT के इस्तेमाल को लेकर भी मामला सामने आया था. बाद में परीक्षा हॉल का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया. इसमें प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला साहिल से बातचीत करते और उसे परीक्षा हॉल से अलग ले जाते दिखाई देते हैं. पुलिस की क्राइम ब्रांच इस फुटेज समेत डिजिटल और अन्य सबूतों की जांच कर रही है.
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने अपने बेटे के साथ जातिगत भेदभाव और कथित उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. उनकी शिकायत के आधार पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला समेत अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी कानून से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. IIT बॉम्बे ने पहले जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया था. संस्थान ने डूला को डीन के पद से हटा दिया है, हालांकि वह प्रोफेसर के तौर पर संस्थान से जुड़े हुए हैं.
साहिल की मौत का मामला अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास है. जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल और परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के साथ छात्रों और फैकल्टी के बयान भी देख रही है. अधिकारियों का उद्देश्य साहिल की मौत से पहले की घटनाओं की पूरी टाइमलाइन तैयार करना है. इस मामले को लेकर IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों का विरोध भी हुआ है. संस्थान ने छात्रों की मांगों पर बातचीत के बीच अपने पुराने बयान पर माफी मांगी है. फिलहाल मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.