IIT Bombay Sahil Wakode Case: IIT बॉम्बे के बीकेट स्टूडेंट साहिल वाकोड़े की मौत के मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत बनकर सामने आया है. मुंबई साइबर ब्रांच अब परीक्षा हॉल से लेकर कैंपस और हॉस्टल तक की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है, जिससे घटना से पहले और बाद की पूरी जानकारी को समझा जा सके. रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर करीब 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच परीक्षा हॉल की सीसीटीवी फुटेज में साहिल की गतिविधियां दिखाई देती हैं.
फुटेज में वह कुछ समय के लिए अपनी जेब की ओर झुकते हुए नजर आता है. इसके बाद एक प्रोफेसर उससे बात करते दिखाई देते हैं और बाद में उसे अन्य छात्रों से अलग ले जाते हैं.
खबरों के अनुसार, परीक्षा हॉल से बाहर आने के बाद साहिल कैंपस में चलते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया. करीब 1:25 बजे वह अपने हॉस्टल के कमरे में जाता हुआ नजर आया. इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला. बाद में उसकी मौत की जानकारी सामने आई. साइबर ब्रांच अब अलग-अलग सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर घटनाओं का पूरा क्रम तैयार करने की कोशिश कर रही है. साथ ही अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है.
इस मामले में साइबर ब्रांच एक प्रोफेसर और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है. साहिल के माता-पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने BNS की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया है. FIR में SC/ST (अत्याचारों की रोकथाम) Act की धाराएं भी लगाई गई हैं. मामले को आगे की जांच के लिए साइबर ब्रांच को सौंपा गया है.
साहिल के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे संस्थान में परेशान किया गया और उसके साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया गया. परिवार की शिकायत में एक प्रोफेसर का नाम भी शामिल है. वहीं, IIT बॉम्बे ने इन आरोपों से इनकार किया है. संस्थान का कहना है कि साहिल की ओर से SC/ST सेल या प्रशासन के पास जातीय भेदभाव की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी. IIT बॉम्बे ने यह भी कहा है कि मामला पुलिस जांच के अधीन है और संस्थान जांच में पूरा सहयोग करेगा.
साहिल की मौत से पहले परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और चैटजीपीटी के कथित इस्तेमाल की बात सामने आई थी. IIT बॉम्बे के अनुसार, उसने परीक्षा के सवालों के जवाब पाने के लिए AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया था. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा हॉल की घटना के बाद वास्तव में क्या-क्या हुआ और किन परिस्थितियों में छात्र की मौत हुई. फिलहाल साइबर ब्रांच की जांच जारी है. सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूत और संबंधित लोगों के बयान इस मामले की आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.