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क्या एमपी में आज UCC मसौदे को मिलेगी मंजूरी? CM मोहन यादव ने जगदीशपुर में बुलाई विशेष कैबिनेट बैठक

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज विशेष कैबिनेट बैठक होगी. बैठक में समान नागरिक संहिता के मसौदे को मंजूरी मिलने की संभावना है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या एमपी में आज UCC मसौदे को मिलेगी मंजूरी? CM मोहन यादव ने जगदीशपुर में बुलाई विशेष कैबिनेट बैठक
Courtesy: Pinterest

जगदीशपुर: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर आज महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में ऐतिहासिक स्थल जगदीशपुर में विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित की जा रही है. इस बैठक में यूसीसी के मसौदे को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है. यदि कैबिनेट से प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो राज्य सरकार इसे 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में विधेयक के रूप में पेश कर सकती है.

राज्य सरकार की यह विशेष बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी कई अवसरों पर समान नागरिक संहिता लागू करने की अपनी मंशा जाहिर कर चुके हैं. सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून की व्यवस्था सुनिश्चित करना है. हालांकि अंतिम निर्णय कैबिनेट की मंजूरी और विधानसभा में विधेयक पारित होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.

सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यूसीसी को लेकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया था. उन्होंने कहा था कि सरकार एक देश एक कानून के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है. उन्होंने सामाजिक समानता और कानूनों की एकरूपता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए समान नियम और अधिकार होने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव करना नहीं बल्कि समाज में समानता और समरसता को बढ़ावा देना है.

यूसीसी का क्या है उद्देश्य?

समान नागरिक संहिता का विषय लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रहा है. यूसीसी का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों से जुड़े अलग अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था लागू करना माना जाता है. इसके समर्थकों का कहना है कि इससे समानता और न्याय को बढ़ावा मिलेगा, जबकि विरोध करने वाले कुछ समूहों का मानना है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रभाव पड़ सकता है.

यदि मध्य प्रदेश सरकार यूसीसी का विधेयक विधानसभा में पेश करती है तो इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है. इसके बाद विधेयक के पारित होने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. राजनीतिक दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की नजर भी इस घटनाक्रम पर बनी हुई है.

आज होने वाली कैबिनेट बैठक के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यूसीसी के मसौदे को औपचारिक मंजूरी मिलती है या नहीं. फिलहाल सरकार ने बैठक के एजेंडे में इस विषय को प्रमुख स्थान दिया है और पूरे प्रदेश की नजर इस फैसले पर टिकी हुई है.