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इंदौर उर्मिला सैनी हत्याकांड में आया नया मोड़, आरोपी पति का रेलवे ट्रैक पर मिला शव

इंदौर के चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड में आरोपी पति अखिलेश सैनी का शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से मामला नया मोड़ ले चुका है. इस दर्दनाक घटनाक्रम में दो मासूम बच्चों ने कुछ ही दिनों के भीतर अपने माता पिता दोनों को खो दिया.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
इंदौर उर्मिला सैनी हत्याकांड में आया नया मोड़, आरोपी पति का रेलवे ट्रैक पर मिला शव
Courtesy: Pinterest

मध्यप्रदेश के इंदौर में चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड ने एक बार फिर लोगों को झकझोर दिया है. पत्नी की हत्या के आरोप में फरार चल रहे अखिलेश सैनी का शव गंजबासौदा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला है. इस घटनाक्रम के बाद मामला पूरी तरह बदल गया है. जहां एक ओर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी, वहीं दूसरी ओर उसके शव की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा दर्द उन दो बच्चों का है, जिनके सिर से कुछ ही दिनों में माता और पिता दोनों का साया उठ गया.

शक बना हत्या की वजह

पुलिस जांच के अनुसार संयोगितागंज थाना क्षेत्र की डाक कुंज कॉलोनी में 11 जुलाई को पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की उनके घर में हत्या कर दी गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि पति अखिलेश सैनी अपनी पत्नी पर शक करता था. इसी शक के चलते उसने कथित रूप से इस वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया.

वारदात के बाद ऐसे भागा आरोपी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पहले उर्मिला के सिर पर हमला किया, फिर गंभीर चोट पहुंचाकर उनकी हत्या कर दी. शोर बाहर न जाए, इसलिए घर में टीवी की आवाज तेज कर दी गई थी. घटना के बाद वह अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़कर फरार हो गया, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया.

रेलवे ट्रैक पर मिला शव

पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी और उस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. इसी दौरान गंजबासौदा और पवई के बीच रेलवे ट्रैक पर एक शव मिलने की सूचना मिली. परिजनों ने उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में की. पुलिस के अनुसार शव का सिर अलग था और आसपास के क्षेत्र में उसकी तलाश भी की गई.

बच्चों की जिंदगी में हमेशा का दर्द

इस घटना का सबसे दुखद पहलू दो मासूम बच्चों की जिंदगी है. पहले उन्होंने स्कूल से लौटकर अपनी मां का खून से सना शव देखा और अब पिता की भी मौत की खबर मिली. कुछ ही दिनों में दोनों अपने माता पिता को खो चुके हैं. यह हादसा उनके जीवन पर गहरा मानसिक असर छोड़ सकता है और परिवार के लिए यह पीड़ा लंबे समय तक बनी रहेगी.

जांच का बदला पूरा घटनाक्रम

अखिलेश की मौत के बाद पुलिस जांच का स्वरूप बदल गया है. इससे पहले पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के जरिए उसकी तलाश कर रही थी. अब जांच का केंद्र उसकी मौत की परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम को अंतिम रूप से समझने पर रहेगा. मामले ने पूरे प्रदेश में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.