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विश्वासघात... पत्नी ने ही रची हत्या की साजिश, 2 करोड़ के बीमा के लिए पूर्व सैनिक की हत्या; 9 आरोपी गिरफ्तार

बेलगावी पुलिस ने जानकारी दी कि हुक्केरी तालुक के घोडागेरी गांव निवासी 46 वर्षीय पूर्व सैनिक संदीप कलागौड़ा मंजरगी की मौत मार्च में हुई थी. शुरुआत में इसे दुर्घटना के बाद हुई सामान्य मौत माना गया, लेकिन बाद में पता चला कि पत्नी ने ही मौत की साजिश रची थी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
विश्वासघात... पत्नी ने ही रची हत्या की साजिश, 2 करोड़ के बीमा के लिए पूर्व सैनिक की हत्या; 9 आरोपी गिरफ्तार
Courtesy: Pinterest

बेलगावी: कर्नाटक के बेलगावी जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है. एक पूर्व सैनिक की मौत को पहले सामान्य घटना माना गया, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को हत्या, बीमा धोखाधड़ी और फोरेंसिक रिपोर्ट में कथित हेरफेर की बड़ी साजिश में बदल दिया. पुलिस का दावा है कि करीब दो करोड़ रुपये के बीमा क्लेम को हासिल करने के लिए इस पूरे अपराध की योजना बनाई गई थी.

बेलगावी पुलिस के अनुसार, हुक्केरी तालुक के घोडागेरी गांव निवासी 46 वर्षीय पूर्व सैनिक संदीप कलागौड़ा मंजरगी की मौत मार्च में हुई थी. शुरुआत में इसे दुर्घटना के बाद हुई सामान्य मौत माना गया, लेकिन बाद की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. मामले में मृतक की पत्नी, एक फोरेंसिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और अन्य लोगों सहित कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

दुर्घटना से शुरू हुई कहानी

जानकारी के मुताबिक, 13 मार्च को संदीप मंजरगी मोटरसाइकिल से गिर गए थे. हादसे में उन्हें मामूली चोटें आई थीं और डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर नहीं बताया था. इसके बावजूद उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन बाद उनकी मौत हो गई. शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया.

प्रेम संबंध से खुला राज

करीब दो महीने तक मामला शांत रहा, लेकिन मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी के बीच हुए विवाद ने पूरी कहानी बदल दी. आर्थिक मतभेद बढ़ने पर प्रेमी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि संदीप की मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी. इसके बाद पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की.

जहर देकर हत्या का आरोप

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से पहले जहर देने की कोशिश की, जो सफल नहीं हुई. बाद में दूसरे जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल कर पीड़ित को मौत के घाट उतार दिया गया. पुलिस का कहना है कि हत्या को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए कई प्रयास किए गए.

फोरेंसिक रिपोर्ट में हेरफेर का आरोप

मामले की जांच आगे बढ़ने पर कुछ फोरेंसिक कर्मचारियों और एक पुलिसकर्मी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई. आरोप है कि जहरीले पदार्थ के सबूतों को छिपाने और मौत को सामान्य दिखाने के लिए रिपोर्टों में हेरफेर किया गया. इसी आधार पर कई अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है.

जारी है जांच

पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ हत्या का मामला नहीं, बल्कि बीमा राशि हासिल करने के लिए रची गई एक सुनियोजित साजिश है. सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.