नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद उस समय खड़ा हो गया जब मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के गृह क्षेत्र कनकपुरा में आयोजित एक सम्मान समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का विशेष स्वागत किया था, लेकिन समारोह के बाद हुई एक घटना को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा ने इसे जनता और कार्यकर्ताओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं. मामले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है.
कनकपुरा में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का भव्य स्वागत किया. इस दौरान सेबों से तैयार की गई एक बड़ी माला उन्हें पहनाई गई. माला का आकार इतना बड़ा था कि उसे क्रेन की सहायता से मंच तक पहुंचाया गया. समारोह में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे.
समारोह समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने माला में लगे कुछ सेबों में से दो सेब काटकर खाए. इसके बाद उन्होंने उन्हें कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं की ओर उछाल दिया. घटना कुछ ही क्षणों की थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया. बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया जाने लगा.
#Karnataka CM DK Shivakumar grabbed attention during a grand welcome in Harohalli, Kanakapura, when he plucked an apple from a massive apple garland, took a bite, and tossed the remaining fruit into the cheering crowd. pic.twitter.com/TThAPpDUJF
— Imran Khan (@KeypadGuerilla) June 9, 2026
वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया. भाजपा ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार में सम्मान झलकना चाहिए. पार्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो साझा करते हुए इसे कांग्रेस की कार्यशैली से जोड़ने का प्रयास किया.
भाजपा नेताओं का कहना है कि सत्ता तक पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति सम्मानजनक रवैया होना चाहिए. पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटना आम लोगों की भावनाओं को आहत कर सकती है. भाजपा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और नेताओं के व्यवहार में यह स्पष्ट दिखाई देना चाहिए.
घटना को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है. हालांकि खबर लिखे जाने तक मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, कांग्रेस पार्टी या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस विवाद पर कांग्रेस का क्या रुख सामने आता है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आगे किस दिशा में बढ़ता है.