बेंगलुरु: भारत की आईटी राजधानी बेंगलुरु में बढ़ते किराए और ट्रैफिक की समस्या एक बार फिर चर्चा में है. इस बार एक गूगल कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा है. टेक प्रोफेशनल दिव्या पोरवाल ने बताया कि उन्होंने ऑफिस के पास घर लेने का विचार केवल इसलिए छोड़ दिया क्योंकि 1BHK फ्लैट का किराया उनकी उम्मीद से कहीं ज्यादा था.
दिव्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि वह वर्तमान में अपने ऑफिस से लगभग 10 किलोमीटर दूर रहती हैं. रोजाना उन्हें ट्रैफिक में काफी समय बिताना पड़ता है. इसी परेशानी को कम करने के लिए उन्होंने ऑफिस के नजदीक एक गेटेड सोसाइटी में 1BHK फ्लैट तलाशना शुरू किया.
हालांकि जब उन्होंने किराए की कीमतें देखीं तो उनका फैसला बदल गया. उनके अनुसार, ऑफिस के आसपास गेटेड सोसाइटी में 1BHK फ्लैट का किराया 30,000 से 40,000 रुपये प्रति माह तक था. इतनी ऊंची कीमत देखकर उन्होंने घर बदलने का विचार छोड़ दिया.
दिव्या ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने सुरक्षित माहौल और सुविधाओं के कारण गेटेड सोसाइटी में घर ढूंढने का फैसला किया था, लेकिन किराए ने उन्हें चौंका दिया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब वह रोजाना दो घंटे ट्रैफिक में बिताना ही बेहतर समझती हैं क्योंकि वह पहले से ही सरकार को लाखों रुपये टैक्स के रूप में दे रही हैं, इसलिए कुछ समय सड़कों पर भी बिताया जा सकता है.
यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने बताया कि वे भी इसी तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं. एक व्यक्ति ने लिखा कि उसने हाल ही में ऑफिस के पास 2BHK फ्लैट देखा था, जिसका किराया और मेंटेनेंस मिलाकर 52,000 रुपये से अधिक था. इसलिए उसने भी घर बदलने का विचार छोड़ दिया.
कुछ लोगों ने बेंगलुरु और मुंबई की तुलना करते हुए कहा कि दोनों शहरों में किराए की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. वहीं कई यूजर्स ने वर्क फ्रॉम होम को सबसे अच्छा विकल्प बताया.
हालांकि कुछ लोगों ने दिव्या के फैसले से असहमति भी जताई. उनका कहना था कि समय की बचत भी महत्वपूर्ण होती है और यदि आय अच्छी हो तो ऑफिस के पास रहना बेहतर हो सकता है. इसके जवाब में दिव्या ने कहा कि 40,000 रुपये का किराया उनकी आय का केवल 10 प्रतिशत नहीं है और वह समय की कीमत समझती हैं, इसलिए जहां संभव होगा वहां वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देंगी.