कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस संसाधनों के विस्तार, साइबर अपराध नियंत्रण और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई. शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार कर्नाटक के विकास और लोगों के हितों को प्राथमिकता दे रही है. इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार के समक्ष कई अहम प्रस्ताव और मांगें रखी गई हैं.
बैठक के दौरान डी.के. शिवकुमार ने कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने से जुड़े मुद्दे उठाए. उन्होंने पुलिस बल के आधुनिकीकरण, आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की. उनका कहना था कि बदलती चुनौतियों के बीच पुलिस तंत्र को आधुनिक संसाधनों से लैस करना समय की आवश्यकता है.
मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को गंभीर चुनौती बताते हुए इससे निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का सुझाव भी रखा. इसके साथ ही जेलों के आधुनिकीकरण से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ.
शिवकुमार ने कर्नाटक राज्य पुलिस को 'प्रेसिडेंट कलर' सम्मान दिलाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया. उन्होंने अतिरिक्त इंडिया रिजर्व बटालियन उपलब्ध कराने की मांग रखी ताकि राज्य की सुरक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ किया जा सके. उनका मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी.
Met Hon’ble Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah avaru in New Delhi today and had a constructive discussion on key issues concerning Karnataka.
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) June 12, 2026
I sought his support for several important proposals aimed at strengthening law and order, police… pic.twitter.com/FQzQ8RD5ma
बैठक में कर्नाटक के चीनी उद्योग से संबंधित विषय भी प्रमुखता से उठाए गए. शिवकुमार ने गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य, चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत में संशोधन और सहकारी चीनी मिलों को समर्थन देने के लिए इथेनॉल खरीद कोटा बढ़ाने की मांग की. उन्होंने किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया.
मुलाकात के बाद शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य हित में प्रस्तुत प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया. उनका कहना है कि इन विषयों का सीधा संबंध लाखों लोगों की आजीविका और जीवन स्तर से जुड़ा हुआ है.