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12वीं पास युवक बना फर्जी डॉक्टर, गुरुग्राम में चला रहा था अवैध अबॉर्शन क्लिनिक; ऐसे हुआ आरोपी गिरफ्तार

गुरुग्राम पुलिस ने 12वीं पास युवक कमल महतो को फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध गर्भपात कराने और बिना पंजीकरण के क्लिनिक चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
12वीं पास युवक बना फर्जी डॉक्टर, गुरुग्राम में चला रहा था अवैध अबॉर्शन क्लिनिक; ऐसे हुआ आरोपी गिरफ्तार
Courtesy: Chatgpt (Representative image)

गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने एक 27 वर्षीय युवक को फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध गर्भपात कराने और बिना मान्यता के क्लिनिक चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी किट, बड़ी मात्रा में दवाइयां और चिकित्सा उपकरण बरामद किए गए हैं. मामले का खुलासा पुलिस की एक गुप्त कार्रवाई के दौरान हुआ.

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पीसीपीएनडीटी अधिनियम के नोडल अधिकारी की शिकायत के आधार पर की गई. शिकायत में बताया गया था कि गुरुग्राम के सेक्टर 65 क्षेत्र में स्थित कमल क्लिनिक का संचालक कमल महतो बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहा है और गर्भवती महिलाओं का अवैध गर्भपात भी करवा रहा है.

पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार?

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर क्लिनिक भेजा. पुलिस के अनुसार आरोपी ने गर्भपात कराने के लिए महिला से 1200 रुपये लिए और उसे एमटीपी किट देकर उसके उपयोग का तरीका भी बताया. महिला से पहले से तय संकेत मिलने के बाद पुलिस टीम ने क्लिनिक पर छापा मारा और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में आरोपी ने क्या बताया?

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने केवल 12वीं तक पढ़ाई की है और उसके पास कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं है. जांच में यह भी सामने आया कि उसका क्लिनिक मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी अधिनियम के तहत पंजीकृत नहीं था.

पुलिस ने बताया कि आरोपी मरीजों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखता था. वह दवाइयों की खरीद, बिक्री और वितरण से जुड़े वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद उसके खिलाफ सेक्टर 65 थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

पुलिस का क्या है कहना?

आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले कमल महतो के रूप में हुई है, जो वर्तमान में गुरुग्राम के घाटा गांव में रह रहा था. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी कितने समय से यह अवैध क्लिनिक चला रहा था, कितनी महिलाओं का गर्भपात कराया गया और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं.

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है. बरामद दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की भी जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था. साथ ही यह भी जांच होगी कि आरोपी दवाइयां कहां से लाता था और क्या उसके किसी संगठित गिरोह से संबंध हैं.