उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने देहरादून समेत नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. लगातार हो रही बारिश के कारण कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव का खतरा बढ़ गया है.
मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. साथ ही लोगों से मौसम की चेतावनियों का पालन करने और बेवजह यात्रा से बचने की अपील की गई है.
मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. 29 जुलाई को भी कई जिलों में यही स्थिति बने रहने का अनुमान है.
भारतीय मौसम विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी समेत कई जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है. लगातार बारिश से छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. वहीं संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका भी बढ़ गई है.
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों से मौसम की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि अत्यंत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और निकलने से पहले मौसम तथा सड़क की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों के प्रशासन को राहत और बचाव संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही नदी-नालों, खड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से लोगों को दूर रखने के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया है.
सोमवार को देहरादून में दिनभर बादलों और धूप का दौर चलता रहा. कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि कई स्थानों पर उमस बनी रही. देर रात मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.