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बेंगलुरु के चलती बस में महिला से छेड़खानी, ड्राइवर बना हिम्मत की मिसाल; मनचले को पीटकर नीचे उतारा

बेंगलुरु की बीएमटीसी बस में एक महिला ने सहयात्री पर कथित छेड़खानी का आरोप लगाया. विरोध के बाद बस चालक ने हस्तक्षेप करते हुए आरोपी को बस से उतार दिया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बेंगलुरु के चलती बस में महिला से छेड़खानी, ड्राइवर बना हिम्मत की मिसाल; मनचले को पीटकर नीचे उतारा
Courtesy: Chatgpt (Representative image)

बेंगलुरु: बेंगलुरु में चलती बीएमटीसी बस में एक महिला के साथ कथित छेड़खानी का मामला सामने आया है. यह घटना 24 जुलाई को हेब्बल से मन्यता जा रही बस में हुई. महिला ने आरोप लगाया कि उसके पास बैठे एक सहयात्री ने उसके साथ अनुचित हरकत की.

घटना के तुरंत बाद महिला ने आरोपी का विरोध किया और बस के अंदर ही उसे फटकार लगाई. महिला की आवाज सुनकर बस में मौजूद अन्य यात्री भी सतर्क हो गए और कुछ देर के लिए बस में हंगामे जैसी स्थिति बन गई.

वहां मौजूद लोगों ने क्या बताया?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात बिगड़ते देख बस चालक ने तुरंत हस्तक्षेप किया. चालक ने आरोपी को कड़ी फटकार लगाई और कथित तौर पर उसकी पिटाई भी की. इसके बाद आरोपी को बस से नीचे उतार दिया गया. बस में मौजूद यात्रियों ने भी महिला का समर्थन किया और चालक की कार्रवाई का साथ दिया. घटना के दौरान किसी अन्य यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है.

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बस के अंदर बहस होती दिखाई देती है और चालक आरोपी को बस से बाहर निकालते हुए नजर आता है. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. इसलिए वीडियो के आधार पर किसी भी दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

क्या लिया गया एक्शन?

मामले की जानकारी सामने आने के बाद यह भी स्पष्ट हुआ कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. यदि पीड़िता शिकायत दर्ज कराती है या कोई अन्य प्रमाण उपलब्ध कराया जाता है, तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह घटना सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में तुरंत विरोध करना, अन्य यात्रियों की मदद लेना और पुलिस में शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी होता है. इससे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सकती है और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है.