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India Daily

ऑनलाइन जीवनसाथी खोजने के चक्कर में हुआ बर्बाद, प्यार और बिटकॉइन के जाल में फंसा बेंगलुरु का युवक, 44 लाख का लगा चूना

बेंगलुरु के एक व्यक्ति को ऑनलाइन जीवनसाथी की तलाश के दौरान एक महिला से बातचीत के चलते 44 लाख रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा. महिला ने उसे बिटकॉइन में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और फर्जी वेबसाइट के माध्यम से धोखाधड़ी को अंजाम दिया. मामला अब साइबर क्राइम सेल की जांच के दायरे में है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ऑनलाइन जीवनसाथी खोजने के चक्कर में हुआ बर्बाद, प्यार और बिटकॉइन के जाल में फंसा बेंगलुरु का युवक, 44 लाख का लगा चूना
Courtesy: web

ऑनलाइन दोस्ती और निवेश के नाम पर की जाने वाली साइबर ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. ताजा मामला बेंगलुरु का है, जहां एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर एक महिला से दोस्ती करना भारी पड़ गया. महिला ने उसे बिटकॉइन निवेश के नाम पर ₹44 लाख का चूना लगा दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़ित व्यक्ति, जो कि बेंगलुरु के पश्चिमी क्षेत्र का निवासी है, जीवनसाथी की तलाश में सोशल मीडिया का सहारा ले रहा था. इसी दौरान उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर "अर्चना" नाम की एक महिला से हुई. कुछ ही दिनों में दोनों की बातचीत नियमित हो गई और महिला ने उसे एक ऑनलाइन बिटकॉइन निवेश प्लेटफॉर्म से जुड़ने का सुझाव दिया. शुरुआती तौर पर कम रकम निवेश करने को कहा गया, जिससे उसे कुछ मुनाफा भी दिखाया गया. इससे वह पूरी तरह विश्वास में आ गया और धीरे-धीरे लाखों की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता गया.

लाभ निकालने के नाम पर मांगे जाते रहे और पैसे

महिला द्वारा बताए गए निवेश प्लेटफॉर्म पर निवेश के बाद जब पीड़ित ने लाभ की रकम निकालने की कोशिश की, तो वेबसाइट ने उसे “अनलॉकिंग चार्ज” के नाम पर और पैसे जमा करने के लिए कहा. हर बार नए शुल्क की मांग की जाती रही और लाभ की राशि नहीं दी गई. धीरे-धीरे उसे अहसास हुआ कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गया है. दोस्तों से चर्चा के बाद उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

साइबर सेल की जांच में जुटी टीम

इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय CEN क्राइम पुलिस को संदेह है कि यह ठगी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है जो सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को झांसे में लेता है और उन्हें रेगुलेशन से बाहर के क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म में उलझा देता है. पुलिस अब उन बैंक खातों और डिजिटल लिंक की जांच कर रही है जिनके जरिए रकम ट्रांसफर की गई थी. साथ ही उस वेबसाइट की भी गहन जांच की जा रही है, जिससे यह साइबर ठगी की गई.