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झारखंड में धड़ल्ले से नकली NCERT किताबों का बढ़ रहा काला कारोबार, ऐसे पहचानें अंतर

झारखंड में एनसीआरटी नकली किताबों की कालाबाजारी काफी तेजी से चल रही है. जो की छात्रों के लिए आगे चल कर परेशानी बन सकता है. आज हम आपको कुछ खास तरीका बताएंगे. जिससे आप आसानी से अंतर कर सकते हैं.

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Edited By: Shanu Sharma
झारखंड में धड़ल्ले से नकली NCERT किताबों का बढ़ रहा काला कारोबार, ऐसे पहचानें अंतर
Courtesy: Grok AI

स्कूलों में परीक्षा खत्म होने के बाद नया सत्र शुरू हो चुका है. नए क्लास में जाने वाले बच्चे नए-नए किताब कॉपी ले रहे हैं. लेकिन झारखंड में नकली किताबों का कारोबार चलाया जा रहा है. कोल्हान प्रमंडल के प्रमुख बाजारों चक्रधरपुर, चाईबासा और जमशेदपुर में इन दिनों नकली एनसीईआरटी किताबें बेची जा रही है. 

दुकानदार ज्यादा फायदे के लिए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के साथ खुलकर खिलवाड़ कर रहे हैं. पहले जहां यह कारोबार छिपकर होता था, अब इन लोगों को पुलिस-प्रशासन का भी कोई खौफ नहीं रहा है. इसके कारण अभिभावकों और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 

असली-नकली में अंतर कैसे करें

NCERT किताब हमेशा से हाई डिमांड में रहा है. स्कूलों में मुख्य रुप से इन किताबों से ही पढ़ाई कराई जाती है. आपूर्ति में कमी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व और कुछ बुक विक्रेता बिना किसी डर के जाली किताबें बेच रहे हैं. खासतौर पर कक्षा 9 की नई अंग्रेजी पुस्तक ‘कावेरी’ समेत अन्य विषयों की नकली प्रतियां बाजार में भर गई हैं. ये नकली किताबें न सिर्फ सस्ती दर पर बिक रही हैं, बल्कि असली किताबों की एग्जेक्ट कॉपी दिख रही है. जानकारों का कहना है कि असली और नकली किताब में अंतर करना आसान है. अभिभावक को कुछ खास बातों पर ध्यान देने की जरूरत है. जैसे की 

  1. असली किताब का कागज हल्का पीलापन लिए ऑफ-व्हाइट और चिकना होता है. नकली किताबों में कागज बिल्कुल सफेद या फिर खुरदरा होता है.  
  2. असली का प्रिंट अच्छा होता है और नकली पुस्तकों में अक्षर धुंधले, चित्र और मानचित्र अस्पष्ट होते हैं. कभी-कभी स्याही पन्नों पर फैल जाती है.  
  3. असली किताब के हर पन्ने पर एनसीईआरटी का वॉटरमार्क करेंसी नोट की तरह दिखता है. कवर पर चमकदार होलोग्राम भी होता है. नकली किताबों में इन सभी चीजों की कमी होगी.

किताब खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • हमेशा बिल मांगें और दुकान की मुहर किताब पर लगवाएं. 
  • किताबों पर लगे कोड को स्कैन कर के उसका डिटेल्स एक बार जरूर चेक करें.
  • खरीदने से पहले क्यूआर वेबसाइट पर किताब की एमआरपी और कुल पन्नों की संख्या जरूर चेक करें.  
  • अगर कोई दुकानदार नकली किताब बेचता पकड़ा जाए तो तुरंत शिकायत करें.