नई दिल्ली: 28 फरवरी 2026 को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई एक हवाई हमले में मारे गए थे. इसी हमले में उनके बेटे और मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. रिपोर्ट के अनुसार उनके करीबी सूत्रों ने पुष्टि की है कि हमले के दौरान मोजतबा के चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं और उनके पैरों को भी गहरा आघात पहुंचा था. जिसके वजह से उनका एक पैर काटना पड़ा है.
अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार मोजतबा ने अपना एक पैर खो दिया है. उनके चेहरे पर गहरे घाव हैं. इसी वजह से 8 मार्च को उनकी नियुक्ति के बाद से उनकी कोई भी तस्वीर या वीडियो सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है.
सूत्रों का कहना है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय हैं. वह ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं और युद्ध तथा इस्लामाबाद में होने वाली आगामी शांति वार्ता के संबंध में महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं. ईरानी मीडिया ने उन्हें एक बहादुर हस्ती बताया है. यह एक ऐसा संबोधन है जो उनकी चोटों की एक तरह से आधिकारिक पुष्टि करता है.
मोजतबा के पास अभी तक वैसी स्वाभाविक और पूर्ण सत्ता नहीं है. मोजतबा को सुप्रीम लीडर के पद तक पहुंचाने में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अहम भूमिका निभाई थी.
संघर्ष के इस मौजूदा दौर में रणनीतिक फैसले लेने में गार्ड्स की आवाज सबसे प्रभावशाली शक्ति बनकर उभरी है. मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एलेक्स वतनका के अनुसार मोजतबा को खुद को एक सचमुच शक्तिशाली और आधिकारिक आवाज के तौर पर स्थापित करने में कई साल लग सकते हैं. फिलहाल वह केवल नाममात्र के राष्ट्राध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं, जबकि असली सत्ता सैन्य नेतृत्व के हाथों में है.
ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी की खराब स्थिति के बावजूद सोशल मीडिया पर मोजतबा की गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह के कयास और मीम्स वायरल हो रहे हैं. एक लोकप्रिय मीम में एक खाली कुर्सी पर रोशनी पड़ती हुई दिखाई गई है, जिसके साथ यह कैप्शन लिखा है, 'मोजतबा कहां हैं?' उनके समर्थक और 'बसीज' मिलिशिया का मानना है कि अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए, लो प्रोफाइल बनाए रखना ही देश के सबसे अच्छे हित में है.