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India Daily

30 साल बाद भी DDLJ का जादू बरकरार, ऑस्कर अकादमी ने रोमांटिक ट्रेवल फिल्मों में किया शामिल; देखें काजोल का रिएक्शन

काजोल ने अपनी आइकॉनिक फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे को लेकर खुशी जताई, जब मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की अकादमी ने इसे यात्रा पर आधारित पसंदीदा रोमांटिक फिल्मों की सूची में शामिल किया.

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Edited By: Babli Rautela
30 साल बाद भी DDLJ का जादू बरकरार, ऑस्कर अकादमी ने रोमांटिक ट्रेवल फिल्मों में किया शामिल; देखें काजोल का रिएक्शन
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मुंबई: हाल ही में मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की अकादमी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यात्रा पर आधारित रोमांटिक फिल्मों की एक खास सूची साझा की. इस सूची में हॉलीवुड फिल्मों के साथ भारत की मशहूर फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे को भी शामिल किया गया. यह अपने आप में भारतीय सिनेमा के लिए गर्व की बात मानी जा रही है. पोस्ट में दूसरी फिल्मों के साथ DDLJ के कुछ यादगार सीन भी शेयर किए गए और दर्शकों से उनकी पसंदीदा ट्रैवल रोमांस फिल्म के बारे में पूछा गया.

काजोल का दिल छू लेने वाला जवाब

इस पोस्ट पर Kajol की नजर पड़ी और उन्होंने तुरंत इसे रीपोस्ट किया. उन्होंने बेहद सरल लेकिन भावुक अंदाज में लिखा कि उनका वोट DDLJ के लिए है. काजोल का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फैंस ने भी इस फिल्म के प्रति अपना प्यार जाहिर किया.

30 साल बाद भी क्यों खास है DDLJ?

साल 1995 में रिलीज हुई दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे को आदित्य चोपड़ा ने निर्देशित किया था, जबकि इसका निर्माण Yash Chopra ने किया था. इस फिल्म में शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी ने ऐसा जादू चलाया कि यह फिल्म हमेशा के लिए लोगों के दिलों में बस गई. आज भी यह फिल्म दुनिया की सबसे लंबे समय तक चलने वाली फिल्मों में गिनी जाती है और मुंबई के मराठा मंदिर में इसका शो वर्षों से जारी है.

फिल्म के 30 साल पूरे होने पर शाहरुख खान और काजोल ने लंदन में एक खास इवेंट में हिस्सा लिया था. यहां लीसेस्टर स्क्वायर पर दोनों की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया, जो किसी भारतीय फिल्म के लिए एक ऐतिहासिक पल था. यह प्रतिमा फिल्म के मशहूर रोमांटिक पोज पर आधारित है, जिसे आज भी फैंस दोहराते नजर आते हैं.

राज और सिमरन की अमर प्रेम कहानी

DDLJ की कहानी राज और सिमरन के इर्द गिर्द घूमती है, जो यूरोप ट्रिप के दौरान एक दूसरे से प्यार कर बैठते हैं. भारत लौटने के बाद सिमरन की तय शादी के बीच राज का उसके परिवार का दिल जीतने का सफर इस कहानी को और खास बनाता है. यह फिल्म सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं बल्कि परंपरा और आजादी के बीच संतुलन की कहानी भी है.