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हाथ से न फिसले विरासत की कमाई, इन 6 गलतियों से बचें; वरना कोर्ट-कचहरी का चक्कर लग जाएगा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग मेहनत तो खूब करते हैं, लेकिन अपनी कमाई और संपत्ति को आने वाली पीढ़ी तक सुरक्षित पहुंचाने का प्लान अक्सर टाल देते हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
हाथ से न फिसले विरासत की कमाई, इन 6 गलतियों से बचें; वरना कोर्ट-कचहरी का चक्कर लग जाएगा
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: हर कोई अपने परिवार का उज्ज्वल भविष्य चाहता है. कड़ी मेहनत के बाद भी कई लोग अपनी संपत्ति को लेकर चिंतित रहते हैं क्योंकि वे सोचते हैं कि उनके जाने के बाद सब कुछ ठीक रहेगा. लेकिन हकीकत कुछ और ही है. बिना सही प्लानिंग के मेहनत की कमाई परिवार में झगड़ों और कोर्ट के चक्कर में फंस सकती है. आज के समय में वित्तीय सुरक्षा सिर्फ कमाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे संभालने और आगे पहुंचाने की भी जरूरत है.

वसीयत बनाना टालना सबसे बड़ी भूल

एक कहावत है जरुरी काम को कल पर टालना सही नहीं होता है. बहुत से लोग सोचते हैं कि वसीयत तो बुढ़ापे में बनाएंगे या यह अमीरों का काम है. लेकिन बिना स्पष्ट बंटवारे के आपकी संपत्ति पर परिवार में विवाद खड़ा हो सकता है. आज ही अपनी सारी संपत्ति की सूची बनाएं, लिखित रूप में रखें और परिवार के साथ शेयर करें. इससे भविष्य में कोर्ट-कचहरी से बचाव होगा.

दिखावा करने में ज्यादा खर्च करना

आजकल सोशल मीडिया के चलन ने दिखावे की आदत बढ़ा दी है. लोग जरूरत से ज्यादा खर्च कर कर्ज ले लेते हैं. महंगी गाड़ी, गैजेट्स जैसी चीजें समय के साथ मूल्य घटाती हैं. इसके बजाय ऐसे निवेश चुनें जो भविष्य में रिटर्न दें, जैसे म्यूचुअल फंड, सोना या प्रॉपर्टी.

कर्ज का जाल बढ़ाते जाना

क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन चक्रवृद्धि ब्याज इसे भारी बोझ बना देता है. कर्ज लेने से पहले सोचें कि क्या यह जरूरी है. छोटी-छोटी EMI भी लंबे समय में आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा निगल सकती है.

बीमा को फालतू समझना

कई लोग हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस या प्रॉपर्टी बीमा को बेकार खर्च मानते हैं. लेकिन कोई भी मेडिकल इमरजेंसी या दुर्घटना पूरी बचत को खत्म कर सकती है. सही बीमा प्लान परिवार को आर्थिक संकट से बचा सकता है.

सभी पैसा एक जगह लगाना

पूरी पूंजी शेयर, फिक्स्ड डिपॉजिट या एक ही प्रॉपर्टी में लगाना जोखिम भरा है. विविधता लाएं – अलग-अलग सेक्टर और प्रकार के निवेश में पैसा बांटें. इससे एक जगह नुकसान होने पर भी दूसरी जगह से संतुलन बना रहेगा.