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दुर्गा पूजा पंडाल से विसर्जन जुलूस तक सुरक्षा का प्लान तैयार, झारखंड DGP ने दिए कड़े निर्देश; बिना लाइसेंस वालों का भी होगा सत्यापन

झारखंड में दुर्गा पूजा को लेकर DGP तदाशा मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी सभी पूजा पंडालों का सत्यापन होगा.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
दुर्गा पूजा पंडाल से विसर्जन जुलूस तक सुरक्षा का प्लान तैयार, झारखंड DGP ने दिए कड़े निर्देश; बिना लाइसेंस वालों का भी होगा सत्यापन
Courtesy: ChatGPT

झारखंड में दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सोमवार को सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, रेंज डीआईजी और जोनल आईजी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. इस दौरान उन्होंने त्योहार के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए.

डीजीपी ने सभी जिलों में लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा समितियों के पंडालों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया. संवेदनशील पंडालों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, ड्रोन से निगरानी करने और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं. महिला पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों की भी जरूरत के अनुसार तैनाती की जाएगी.

नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने का निर्देश

डीजीपी ने सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया. किसी भी घटना की सूचना पुलिस मुख्यालय और डीजीपी नियंत्रण कक्ष के वरीय अधिकारियों को तत्काल देने को कहा गया है. इसके अलावा थाना और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित करने तथा स्थानीय लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.

पुलिस को संवेदनशील इलाकों की पहचान कर लगातार गोपनीय सूचनाएं जुटाने और सघन गश्ती व चेकिंग करने को कहा गया है. डीजीपी ने सांप्रदायिक दंगों से जुड़े मामलों में लंबित वारंट और कुर्की की कार्रवाई पूरी करने के साथ अवैध मादक पदार्थ और शराब के खिलाफ छापेमारी तेज करने का भी निर्देश दिया.

क्या की जा रही व्यवस्था?

पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन को लेकर भी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश और निकासी व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सुरक्षित पार्किंग और आपातकालीन निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. अग्निशमन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया है.

डीजीपी ने और क्या दिए निर्देश?

डीजीपी ने छेड़खानी, चोरी और छिनतई जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए. डांडिया और अन्य नृत्य कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है. इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट और अफवाहों के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.

मूर्ति विसर्जन को लेकर जुलूस के मार्ग और तारीख का सत्यापन करने, धार्मिक स्थलों और विवादित क्षेत्रों में अतिरिक्त बल लगाने तथा घाटों और नदियों पर गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है. जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन निगरानी के साथ साउंड सिस्टम में उत्तेजक गानों पर नियंत्रण रखने तथा डीजे को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. विजयादशमी पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा और भगदड़ रोकने के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है.