उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विधवा महिला के साथ विश्वासघात और अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. महिला ने आरोप लगाया है कि प्लॉट बेचने का भरोसा दिलाने वाले प्रॉपर्टी कारोबारी और उसके सहयोगी ने जमीन के दस्तावेज देने के बहाने उसे कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट के पास बुलाया. वहां पहले से तैयार साजिश के तहत उसे एक गाड़ी में बैठाया गया और नशीला पेय पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया.
पीड़िता अवध विहार योजना की रहने वाली है. उसने पुलिस को बताया कि उसके पति का निधन हो चुका है और वह अपने दो बच्चों के साथ रहती है. कुछ समय पहले उसकी पहचान नगराम क्षेत्र के रहने वाले एक प्रॉपर्टी कारोबारी से हुई थी. आरोपी ने उसे करोरा गांव में 800 वर्ग फुट का प्लॉट दिलाने का भरोसा दिया था.
महिला के अनुसार 21 मई को उसे प्लॉट दिखाया गया, जो पसंद आने पर उसने 50 हजार रुपये नकद दे दिए. इसके बाद जब उसने खतौनी, बैनामा, खसरा और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे तो आरोपियों ने कुछ दिनों का समय लिया. बाद में 29 मई को उसे दस्तावेज देने के लिए सिविल कोर्ट बुलाया गया. महिला का आरोप है कि वहां से उसे रेजीडेंसी क्षेत्र के पास खड़ी एक काली स्कार्पियो तक ले जाया गया, जहां दूसरा आरोपी पहले से मौजूद था. दोनों ने वकील से कागजात लाने का बहाना बनाया और उसे गाड़ी में बैठा लिया.
पीड़िता का कहना है कि उसने कई बार मना किया, फिर भी आरोपियों ने उसे जबरन कोल्डड्रिंक पीने के लिए मजबूर किया. पेय का कुछ हिस्सा पीते ही उसे चक्कर आने लगे और शरीर में सुस्ती महसूस होने लगी. इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं और दुष्कर्म करने का प्रयास किया. महिला ने विरोध करते हुए गाड़ी के दरवाजे और शीशे पीटकर शोर मचाया. शोर सुनकर लोगों के आने की आशंका के चलते आरोपी घबरा गए और उसे गाड़ी से धक्का देकर सड़क पर फेंककर फरार हो गए.
महिला ने किसी तरह खुद को संभाला और ऑटो से अपने घर पहुंची. कुछ दिन बाद आरोपियों ने अलग-अलग नंबरों से फोन कर उसे शिकायत न करने की धमकी दी. महिला का आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि यदि उसने पुलिस में मामला दर्ज कराया तो उसे और उसके बच्चों को गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा. पीड़िता की शिकायत पर वजीरगंज कोतवाली पुलिस ने नगराम क्षेत्र के दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है.