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सारंडा जंगल में खूनी IED ब्लास्ट! CRPF कोबरा जवान घायल, हेलीकॉप्टर से रांची एयरलिफ्ट

झारखंड के सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया. घायल जवान को जंगल से निकालकर एयरलिफ्ट करने की तैयारी है. इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सारंडा जंगल में खूनी IED ब्लास्ट! CRPF कोबरा जवान घायल, हेलीकॉप्टर से रांची एयरलिफ्ट
Courtesy: grok

झारखंड के घने सारंडा जंगल में एक बार फिर सुरक्षा बलों पर नक्सलियों ने हमला किया है. रविवार को चाईबासा के सारंडा क्षेत्र में आईईडी ब्लास्ट होने से सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो बटालियन का एक जवान घायल हो गया. जवान सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में थे, तभी पहले से लगाया गया विस्फोटक फट गया. पुलिस मुख्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल को सुरक्षित निकाला और हेलीकॉप्टर से रांची लाने की व्यवस्था की है. यह घटना नक्सलियों की सक्रियता को फिर दिखाती है, जबकि सुरक्षा बल बड़े अभियान चला रहे हैं.

आईईडी विस्फोट की पूरी घटना

सारंडा के घने जंगलों में रविवार सुबह कोबरा बटालियन के जवान नक्सली ठिकानों की तलाश में सर्च ऑपरेशन पर निकले थे. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा प्लांट किया गया आईईडी अचानक फट गया. विस्फोट की चपेट में आने से एक जवान घायल हो गया. पुलिस के मुताबिक जवान की चोटें गंभीर नहीं हैं, लेकिन सावधानी बरतते हुए उसे जंगल से बाहर निकाला गया. हेलीकॉप्टर रांची भेज दिया गया है ताकि बेहतर इलाज हो सके. घटना चाईबासा के चोटानगरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पास हुई. इस ब्लास्ट ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है. सुरक्षा बल सतर्क होकर आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि नक्सली ऐसे विस्फोटकों से बचाव की रणनीति अपना रहे हैं.

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

झारखंड पुलिस के आईजी अभियान डॉक्टर माइकल एस राज ने बताया कि घायल जवान की हालत स्थिर है और जरूरत पड़ने पर उसे एयरलिफ्ट कर रांची लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि सारंडा में बचे नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चल रहा है. इसी अभियान के दौरान यह विस्फोट हुआ. इलाके में एक जिंदा आईईडी भी बरामद किया गया, जिसे सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. एसपी अमित रेणु ने बताया कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह पुराना प्लांटेड आईईडी था या हाल में लगाया गया. फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

सारंडा में बढ़ती नक्सली गतिविधि

सारंडा जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है. इस साल जनवरी में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद नक्सलियों ने जंगल में भारी मात्रा में आईईडी लगा दिए हैं. पिछले दो महीनों में यहां चार बड़े ब्लास्ट हो चुके हैं, जिनमें एक ग्रामीण की मौत और कई लोग घायल हुए. कोबरा बटालियन के दो जवान पहले भी घायल हो चुके हैं. नक्सली अब आमने-सामने की लड़ाई से बचकर विस्फोटकों पर निर्भर हो गए हैं. सुरक्षा बल जंगलों में सतर्कता से अभियान चला रहे हैं ताकि इन छिपे खतरों से बचा जा सके.

जवानों की सुरक्षा और आगे की रणनीति

यह घटना सुरक्षा बलों के लिए चुनौती है. जवान घने जंगलों में नक्सली ठिकानों को ढूंढते समय ऐसे विस्फोटकों का शिकार हो रहे हैं. पुलिस ने कहा है कि अभियान जारी रहेगा और आईईडी की तलाश को और मजबूत बनाया जाएगा. घायल जवान की देखभाल पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बेहतर तकनीक और समन्वय की जरूरत है. स्थानीय लोग भी उम्मीद कर रहे हैं कि शांति जल्द बहाल हो. फिलहाल सारंडा में तनावपूर्ण माहौल है और सुरक्षा बल सावधानी से काम कर रहे हैं.