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अपने ही रेस्टोरेंट में आग से झुलसे थे संजय, परिजनों ने इलाज के लिए 8 लाख का लोन लेकर बुक की थी एयर एम्बुलेंस

झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में हुए एयर एम्बुलेंस दुर्घटना में खुद के होटल में शॉर्ट सर्किट की वजह से गंभीर रूप से झुलसे मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
अपने ही रेस्टोरेंट में आग से झुलसे थे संजय, परिजनों ने इलाज के लिए 8 लाख का लोन लेकर बुक की थी एयर एम्बुलेंस
Courtesy: @KanakKu64995524 x account

सिमरिया: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के घने जंगल में रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई थी. जिसकी वजह से उसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. एयर एंबुलेंस जले हुए मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जा रही थी. परिवार वालों ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने संतोष को दिल्ली ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस बुक करने के लिए 8 लाख रुपये का लोन लिया था.

जानकारी के मुताबिक संजय कुमार चंदवा शहर में एक छोटा सा रेस्टोरेंट चलाते थे. सोमवार को होटल में शॉर्ट-सर्किट में लगी आग में वह लगभग 63-65 परसेंट बुरी तरह जल गए. शुरू में उनका इलाज रांची के देवकमल हॉस्पिटल में हुआ लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने परिवार वालों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की सलाह दी और उन्हें वहां रेफर कर दिया.

परिजनों ने उनकी जान बचाने के लिए क्या किया?

इसके बाद परिवार ने बेहतर इलाज की उम्मीद में एयर एम्बुलेंस बुक करने में लगभग 8 लाख रुपये खर्च किए. उन्होंने संजय को तुरंत दिल्ली ले जाने के लिए लोन लिया और रिश्तेदारों से उधार लिया. लेकिन एयर एम्बुलेंस की उड़ान के दौरान अचानक मौसम खराब हो गया. तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण प्लेन का बैलेंस बिगड़ गया और वह सिमरिया के घने जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भयानक था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला और सभी की मौके पर ही मौत हो गई.

परिवार में कितने लोगों की हुई मौत?

इस दर्दना हादसे में परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी बसंती देवी और उनका भतीजा ध्रुव शामिल हैं. पायलट स्वराज दीप सिंह, को-पायलट विवेक, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा की भी मौत हो गई. परिवार के सदस्यों की अचानक मौत से पूरे इलाके में मातम छा गया है. परिवार के सदस्य गमगीन हैं और स्थानीय लोग इस घटना से बहुत सदमे में हैं.

स्थानीय लोगों ने क्या बताया?

स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय का परिवार बहुत गरीब है और पैसे उधार लिए गए थे और वे मृतक के इलाज के लिए पहले से ही कर्ज में डूबे हुए थे.

परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें इस हादसे के बारे में न्यूज़ रिपोर्ट से पता चला. उन्होंने बताया कि रांची एयरपोर्ट से एयर एम्बुलेंस के उड़ान भरने के बाद वे घर लौट आए. उन्होंने कहा कि उन्होंने थोड़ी देर बाद प्लेन में सवार अपने परिवार के सदस्यों को फोन किया लेकिन उनका फोन नहीं लग रहा था. थोड़ी देर बाद उन्हें प्लेन क्रैश की खबर मिली, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई. उन्होंने बताया कि बाद में उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन से संपर्क किया और पता चला कि हादसे में सभी की मौत हो गई है.