झारखंड में भी अब SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण शुरु होने वाला है. चुनाव आयोग की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं. मिल रही जानकारी के मुताबिक अप्रैल में एसआईआर अभियान शुरु होने वाला है. उससे पहले वहां के लोगों को अपने कुछ दस्तावेजों को तैयार कर लेना चाहिए नहीं तो उनकी परेशानी बढ़ सकती है.
झारखंड से पहले बिहार और अन्य कई राज्यों में यह प्रक्रिया की जा चुकी है. वहीं झारखंड में पिछले कई महीनों से पूर्व तैयारी के तौर पर 2003 की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर वर्तमान सूची की पैरेंटल मैपिंग का काम किया जा रहा है और मैपिंग लगभग 72 प्रतिशत पूरी हो चुकी है.
विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची का एक व्यापक और गहन अभियान है. जिसमें ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं. निर्वाचन कानून के अनुसार, हर चुनाव से पहले या आवश्यकता पड़ने पर सूची का पुनरीक्षण अनिवार्य करने का नियम है. पिछले दो दशकों में जनसंख्या वृद्धि, पलायन, मृत्यु और विदेशी नागरिकों के नाम गलत तरीके से शामिल होने जैसी समस्याओं के कारण वोटर लिस्ट में काफी त्रुटियां आई हैं.
एसआईआर का उद्देश्य है कि ऐसी सभी कमियों को दूर किया जाए. साथ ही डुप्लिकेट नाम को लिस्ट से हटाया जाए. वहीं वोट का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को ही मिले. झारखंड में बूथ लेवल ऑफिसरों द्वारा परिवार के सदस्यों के आधार पर फैमिली ट्री तैयार की गई है, जिससे दस्तावेजों का सत्यापन और भी ज्यादा आसान होगा.
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदान करने वाले सभी व्यक्तियों को अपने और माता-पिता के प्रमाणित दस्तावेज जमा करने होंगे. ये दस्तावेज नागरिकता, पहचान, निवास और निर्वाचन से जुड़े होने चाहिए. अगर आप भी झारखंड से हैं तो हमारे द्वारा बताए गए दस्तावेजों को तैयार रखें. जिससे की आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े.