दिल्ली की रहने वाली शिब्बा, जो एक निजी बैंक में बीमा सलाहकार थी, रोज की तरह ऑफिस जाने की बात कहकर घर से निकली थी. लेकिन उसी दिन उसका बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. जिस व्यक्ति ने यह खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, वो कोई और नहीं बल्कि उसका पुराना प्रेमी था. हत्या की वजह ने समाज और रिश्तों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
24 जुलाई को फरीदाबाद के सेक्टर-31 इलाके की एक होटल में शिब्बा और उसका प्रेमी दीपक चेक-इन करते हैं. अगले दिन जब तय समय तक कमरे से कोई बाहर नहीं आया, तो होटल स्टाफ ने पुलिस को बुलाया. दरवाजा खुलवाने पर बिस्तर पर शिब्बा की लाश मिली, जिसकी गर्दन पर गला घोंटने के साफ निशान थे. सिक्योरिटी कैमरे की फुटेज से पता चला कि दीपक रात को अकेले होटल से निकल गया था.
पुलिस ने जब मामले की छानबीन की, तो दीपक को दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में दीपक ने माना कि उसने शिब्बा की हत्या इसलिए की क्योंकि वह उस पर शादी का दबाव बना रही थी. साथ ही, उसने यह भी कहा कि शिब्बा मुस्लिम थी और इसी वजह से वह अब यह रिश्ता नहीं निभाना चाहता था.
दीपक और शिब्बा का रिश्ता करीब 10 साल पुराना था. शुरू में सब कुछ ठीक था, लेकिन समय के साथ रिश्ते में दरारें आने लगीं, खासकर शादी को लेकर. दीपक ऑनलाइन कपड़े बेचने का काम करता है, जबकि शिब्बा अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए शादी से दूर रहना चाहती थी. उसकी मां विधवा हैं और पिता का देहांत करीब 20 साल पहले हो गया था.
शिब्बा की मां रजिया ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि दीपक ने उनकी बेटी को धोखे से होटल ले जाकर उसकी जान ली. शिब्बा के चाचा रियाज़ुद्दीन ने बताया कि वह तीन बहनों में मंझली थी और मां का सहारा बनने के लिए ही उसने शादी नहीं की थी. परिवार ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है.