नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 17 फरवरी से शुरू हो रही सीबीएसई (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कमर कस ली है. लाखों छात्रों की सुविधा और समय की बचत सुनिश्चित करने के लिए मेट्रो प्रशासन ने एक अभूतपूर्व पहल की है. 10 अप्रैल तक चलने वाली इन परीक्षाओं के दौरान, मेट्रो स्टेशनों पर छात्रों को 'वीआईपी' प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के अपने परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंच सकें.
अक्सर देखा जाता है कि मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच और टिकट खिड़कियों पर लंबी कतारों के कारण यात्रियों को काफी समय लग जाता है. लेकिन परीक्षा के दिनों में छात्रों को इस समस्या से नहीं जूझना होगा. DMRC ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के साथ मिलकर एक विशेष 'क्राउड मैनेजमेंट' प्लान तैयार किया है. इसके तहत, सुरक्षा जांच केंद्रों पर छात्रों के लिए अलग व्यवस्था होगी, जिससे उन्हें कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा, टिकट ऑपरेटिंग मशीनों (TOM) और कस्टमर केयर केंद्रों पर भी छात्रों को पहले टिकट या कार्ड रिचार्ज की सुविधा दी जाएगी.
DMRC के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन प्रमुख अनुज दयाल ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष सुविधा केवल उन्हीं परीक्षार्थियों को मिलेगी, जिनके पास वैध एडमिट कार्ड होगा. मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करते समय या टिकट लेते समय छात्र को मेट्रो स्टाफ या सुरक्षाकर्मियों को अपना सीबीएसई एडमिट कार्ड दिखाना होगा. एडमिट कार्ड दिखाते ही छात्र को 'प्रायोरिटी' मिलेगी और उसे फ्रिस्किंग से लेकर टिकट काउंटर तक हर जगह प्राथमिकता के आधार पर आगे भेजा जाएगा.
राजधानी के प्रमुख स्टेशनों, जो परीक्षा केंद्रों के पास स्थित हैं, वहां यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा. अनुज दयाल के अनुसार, स्टेशनों पर नियमित रूप से घोषणाएं भी की जाएंगी ताकि छात्रों को किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति न हो. यह व्यवस्था लाखों छात्रों के आवागमन को सुगम बनाने और परीक्षा के दबाव को कम करने के उद्देश्य से लागू की गई है. इस पहल से न केवल छात्रों का समय बचेगा, बल्कि वे बिना किसी 'झिकझिक' और देरी के अपने भविष्य की परीक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.