पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशासनिक कार्यशैली से ज्यादा उनके व्यक्तिगत आचरण की चर्चा हो रही है. ताजा विवाद बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर है, जिसने विपक्ष को मुख्यमंत्री के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रहार करने का एक और मौका दे दिया है. इस वीडियो में मुख्यमंत्री सदन में लगे टैब मॉनिटर के प्रति जैसा व्यवहार कर रहे हैं, उसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान का जो वीडियो सामने आया है, उसमें मुख्यमंत्री नितीश कुमार अपनी सीट के सामने लगे टैब मॉनिटर को झुककर नमस्कार करते नजर आ रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि दो बार टैब को प्रणाम किया. वीडियो में उनके हाव-भाव ऐसे प्रतीत हो रहे हैं जैसे वह उस मशीन से किसी बात के लिए माफी मांग रहे हों. इतना ही नहीं, इसके बाद उन्होंने अपनी सीट और आसपास की सीटों पर लगे टैबों को पकड़कर मुड़वा दिया. सदन के भीतर मुख्यमंत्री की इस असामान्य हरकत को देख वहां मौजूद सदस्य भी हतप्रभ नजर आए.
सदन में लगे टैब मॉनिटर को मुख्यमंत्री ने पहले नमस्कार किया, दुबारा फिर नमस्कार किया और फिर मशीन से माफ़ी के साथ ही उसकी गर्दन मुड़वा दी, फिर दूसरे, तीसरे और बाक़ी मॉनिटर की भी…
क्या इतने बड़े सूबे के मुख्यमंत्री की मानसिक सेहत और ऐसा व्यवहार आपको सामान्य लगता है? क्या यह गंभीर… pic.twitter.com/LHvc90X6RZ— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) February 20, 2026Also Read
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सीधे सवाल खड़े किए हैं. तेजस्वी ने तंज कसते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री ने पहले मॉनिटर को दो बार नमस्कार किया, फिर माफी मांगते हुए उसकी 'गर्दन' मुड़वा दी. तेजस्वी ने जनता से पूछा- 'क्या इतने बड़े सूबे के मुख्यमंत्री की मानसिक सेहत और ऐसा व्यवहार आपको सामान्य लगता है? क्या यह किसी गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं हैं?' तेजस्वी का यह हमला इशारा करता है कि राजद अब इस मुद्दे को सड़क से सदन तक बड़ा बनाने की तैयारी में है.
यह पहली बार नहीं है जब नितीश कुमार के व्यवहार पर उंगलियां उठी हों. इससे पहले भी विधानसभा में उनके अजीबोगरीब बयानों, एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाने की कोशिश और राष्ट्रगान के दौरान बेपरवाह आचरण जैसी घटनाओं को लेकर राजद उन पर हमलावर रही है. विपक्ष लगातार सरकार से उनके स्वास्थ्य पर स्पष्टीकरण मांग रहा है.
दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष के पास मुख्यमंत्री के विकास कार्यों का कोई तोड़ नहीं है, इसलिए वे 'स्तरहीन राजनीति' पर उतर आए हैं. जदयू नेताओं के अनुसार, नीतीश कुमार की अनूठी कार्यशैली को न समझ पाने के कारण विपक्षी नेता अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं, जो पूरी तरह अशोभनीय है.